विश्व आर्थिक मंचकी बैठक आज से, भारत से मंत्रियों, उद्योगपतियों समेत 100 लोग लेंगे भाग



दावोस। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की पांच दिन की वार्षिक बैठक स्विट्जरलैंड के स्की रिजॉर्ट में आज से शुरू होने जा रही है। दुनिया के अमीर तथा ताकतवर लोगों के इस सम्मेलन में भारत की ओर से कई केंद्रीय मंत्रियों तथा उद्योगपतियों सहित करीब 100 लोग भाग लेंगे।

इसके अलावा ब्रिटेन, चीन, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश सरकारों के प्रमुख भी बैठक में भागीदारी करेंगे। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा प्रतिक्रिया वाले जवाबदेह नेतृत्व की जरूरत पर विचार विमर्श होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और निर्मला सीतारमण के अलावा सम्मेलन में नीति आयोग के अरविंद पनगढ़िया, डीआईपीपी के सचिव रमेश अभिषेक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू हिस्सा लेंगे। इस बार डब्ल्यूईएफ सम्मेलन में नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम के अलावा अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के साथ ‘वैश्वीकरण में कमी’ आदि विषयों पर भी चर्चा होगी।

सम्मेलन में भारत पर विशेष सत्र का आयोजन होगा, जहां पैनल के सदस्य देश में भ्रष्टाचार रोधक तथा कर सुधार कार्यक्रमों पर विचार विमर्श करेंगे और यह देखेंगे कि इनके नतीजे कितने समावेशी साबित हुए हैं। इनके अलावा सौ से अधिक भारतीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी सम्मेलन में भाग लेंगे। इनमें टाटा समूह के नए प्रमुख एन चंद्रशेखरन भी शामिल हैं। सम्मेलन में 100 से अधिक देशों से 3,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं जिनमें प्रमुख कंपनियों से 1,200 मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी शामिल है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि महत्वपूर्ण आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर गहन विचार विमर्श करेंगे।

सम्मेलन में 300 से अधिक जानेमाने लोग शामिल होंगे। इनमें 50 से अधिक विभिन्न देशों और सरकारांे के प्रमुख होंगे। साथ मीडिया, अकादमिक और एनजीओ के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग लेंगे। अगले पांच दिन तक बर्फ से ढंके दावोस में विश्व आर्थिक मंच के इस 47वें सम्मेलन में यूरोप सहित दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई आदि जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा होने की संभावना है। दावोस में तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे तक जा सकता है। सम्मेलन में दुनिया के शीर्ष नेता ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरिजा मे और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भी भाग लेने की संभावना है। सम्मेलन का शुभारंभ स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति डोरिस ल्यूथार्ड करेंगे। हालांकि, इस बार सम्मेलन में जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूड्यू और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

चिनफिंग 47 साल पुराने सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले पहले चीनी राष्ट्रपति होंगे। इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख राहील शरीफ भी सम्मेलन में भागीदारी करेंगे। सम्मेलन की शुरुआत से पहले डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि अगले दस साल में सामाजिक असमानता, सामाजिक ध्रुवीकरण तथा बढ़ते पर्यावरण खतरे दुनिया के लिए प्रमुख जोखिम हैं। इस साल भारत में अकेले ही 93 प्रतिशत होल्डिंग नौकरियां बिना सामाजिक सुरक्षा लाभ के होंगे।

स्विट्जरलैंड परंपरागत अनौपचारिक विश्व व्यापार संगठन की मंत्री स्तरीय बैठक का भी आयोजन करेगा। इसमें भारत सहित करीब 30 भागीदार हिस्सा लेंगे। इसमें ब्यूनस आयर्स में दिसंबर में होने वाले मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के लिए कंक्रीट नतीजे हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। पांच दिन के आयोजन में 400 से अधिक सत्र होंगे। इनमें सामाजिक समावेश तथा मानव विकास को रफ्तार देने के लिए रणनीतियां बनाई जाएंगी। सम्मेलन में 3,000 में से एक-तिहाई से अधिक भागीदार यूरोप और उत्तरी अमेरिका से बाहर के हैं।

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