‘गरीबों के राजन’ विरल आचार्य बने रिजर्व बैंक के नए डिप्टी गवर्नर

नई दिल्ली। सरकार ने न्यूयार्क विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और अपने आप को ‘गरीब व्यक्ति का रघुराम राजन’ कहने वाले विरल वी. आचार्य को रिजर्व बैंक का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। आचार्य 20 जनवरी, 2017 को पदभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति 20 जनवरी से तीन साल के लिए होगी।

रिजर्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि आचार्य 20 जनवरी, 2017 को पदभार संभालेंगे। वह मौद्रिक नीति और अनुसंधान का काम देखेंगे। उर्जित पटेल को गवर्नर बनाए जाने के बाद से यह पद रिक्त था। केंद्रीय मंत्रिमंडल नियुक्ति समिति ने तीन साल के लिये उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति उर्जित पटेल के रिजर्व बैंक गवर्नर बनने के बाद खाली हुये पद पर की जा रही है। पटेल चार सितंबर को रघुराम राजन के स्थान पर रिजर्व बैंक गवर्नर बने। इससे पहले पटेल डिप्टी गवर्नर थे।

रिजर्व बैंक में इस समय तीन डिप्टी गवर्नर हैं- एसएस मूदड़ा, एनएस विश्वनाथन और आर. गांधी हैं। आचार्य, 42 वर्ष ऐसे समय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर नियुक्त किये गये हैं जब नोटबंदी के बाद नियमों में बार बार बदलाव को लेकर केन्द्रीय बैंक की आलोचना की जा रही है। न्यूयार्क विश्वविद्यालय के वित्त विभाग में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर वी वी आचार्य भी राजन की ही तरह अकादमिक क्षेत्र से जुड़े हैं।

वह वित्तीय क्षेत्र में प्रणालीगत जोखिम क्षेत्र में विश्लेषण और शोध के लिये जाने जाते हैं। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है। आईआईटी मुंबई के छात्र रहे आचार्य ने 1995 में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में स्नातक और न्यूयार्क विश्वविद्यालय से 2001 में वित्त में पीएचडी की है। वर्ष 2001 से 2008 तक आचार्य लंदन बिजनेस स्कूल में रहे।

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