बॉलीवुड की ये 15 मूवीज देखना जरूर लेकिन अकेले में।

बॉलीवुड में हर साल सैकड़ो फिल्मे बनती है। कुछ फ़िल्में पूरी तरह से पारिवारिक होतीं हैं और इन्हें हम फुरसत के पलों में पूरे परिवार के साथ मिलकर एक साथ बैठकर देख सकतें हैं लेकिन कुछ फिल्मे ऐसी भी होती है जिन्हें हम पूरे परिवार के साथ नहीं देख सकते ।

B.A Pass
यह फिल्म 2013 में बनी थी जिसे अजय बहल ने निर्देशित किया था। इस फिल्म में एक शादीशुदा औरत और एक कॉलेज़ में पढ़ने वाले छात्र के बीच बने संबंध को दिखाया गया है। इस फिल्म के कई सीन्स निहायत अश्लील और गंदे हैं। इसलिए कई सीन्स को काटना पड़ गया। वो सीन्स आप परिवार के साथ नही देख सकते।


कामसूत्र
वैसे तो इस फिल्म का नाम ही इसके बारे में काफी कुछ बताता है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन मीरा नायर ने किया था। जिसके वजह से सेंसर बोर्ड को मजबूरन कुछ सीन्स को फिल्म में से काटना पड़ा। इस फिल्म के उन सीन्स को परिवार के साथ नही देख सकते आप।


मस्तराम
हाल ही में आयी ये फिल्म आप अकेले में ही देखना। एक बार देखने पर आपको दुबारा देखने का मन ना करे तो कहना।


जिस्म-2
सन्नी लिओन की इस फिल्म को एडल्ट मूवी का सर्टिफिकेट भी मिला है। लव, ड्रामा और फाइट का संगम है। वैसे कहानी मस्त है।


रागनी MMS
सनी लीओन की ये हॉरर मूवी है लेकिन इसमे अश्लीलता कुछ ज्यादा ही दिखाई गयी है ये फिल्म आपको देखने के बाद ही पता चलेगा।


Tarzan
जंगल में भटकता एक वनपुरुष और शहर की लड़की को उससे प्यार हो जाना। उसके बाद क्या-क्या होता है ये आपको फिल्म देखने के बाद हे पता चलेगा।


अनफ्रिडम
ये फिल्म भी लेसबीन के जीवन पर आधारीत थी, जिसमे इस्लाम आतंकवाद को दिखाया गया हैं. इसमे इन दोनों का मिश्रण काफी था। इस वजह से सेंसोर बोर्ड ने इस फिल्म को बैन किया।


 

वॉटर
इस फिल्म ने नाम भी बहुत कमाया, इस फिल्म में महिलाओं की जाती के बारें में काफी बुरा दिखाया गया था। इस वजह से सेंसोर बोर्ड ने सीधे बैन किया।


सीन्स
ख्रिचन पुजारी के महिला से संबंध पर आधारीत इस फिल्म का विरोध पुरे ख्रिचन समाज़ ने किया था, और सेंसोर बोर्ड ने इस फिल्म पर बैन लगा दिया।


दिल्ली बेली
2011 की ये अक्षत वर्मा द्वारा लिखित और इसका निर्देशन Abhinay Deo ने किया है । ख़राब भाषा और कुछ बोल्ड सीन्स की वजह से बुजुर्गों के साथ देखने का सुझाव नही दिया जा सकता।


फायर
दिपा मेहता की ये लेसबीन जीवन पर आधारित ये फिल्म , जिसमे 2 बहनों के बीच संबंध दिखाए गये थे। इस वजह से सेंसोर बोर्ड ने इस फिल्म को बैन किया।


Alone
बिपाशा बासु और करण की ये फ़िल्म एक हॉरर मूवी है। वैसे इसे अकेले देखना बहादुरी वाला काम होगा. फ़िल्म रोमांस से होती हुई जब डर की ओर जायेगी तो ज़रा बच कर रहना क्योंकि फटी की फटी रह जाएगी आपकी आंखे।


गैंग्स ऑफ़ वासेपुर
गैंग्स ऑफ़ वासेपुर इस फिल्म के दोनों भाग एक साथ हे देखे ,वरना किरदारों को याद रखने में परेशानी हो सकती है । अनुराग कश्यप बी और सी ग्रेड फिल्म देख कर वे बड़े हुए और उन्होंने अपनी उन सपनों को फिल्म में उतारा है। गैंग्स ऑफ़ वासेपुर ये फिल्म अनुराग कश्यप का महाभारत है जिसमे बहोत सारे किरदार है और उनको सफाई से आपस में जोड़ा है । हर किरदार की अपनी हे अलग कहानी है । एक पीढ़ी ने की गयी गलती को आगे की कई पी‍ढ़ियां भुगतती है ।


गांडू
कौशिक मुख़र्जी की ये बंगाली फिल्म रैप म्युझिक पर आधारित है । ख़राब दृश्य की वजह से ये फिल्म विवाद के चपेट में आगयी, और सेंसोर बोर्ड ने ऐसे बैन करा दिया।


Matrubhoomi A Nation Without Women
2003 में ये फिल्म बनी, ऐसी फिल्म जिसमे महिलाओ के मुद्दे और कन्या भ्रूण हत्या पर पहली बार निर्देशक ने ऐसी फिल्म बनायीं । इस फिल्म को परिवार के साथ देखना ठीक नहीं होगा।

अब अकेले देख कर बताइये कैसी लगी ये मूवीज।

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