लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, प्रश्नकाल बाधित

लोकसभा में आज भी हंगामा नहीं थमा जिस पर स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने मतविभाजन के प्रावधान वाले नियम के तहत नोटबंदी मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की वहीं कांग्रेस ने अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में रिश्वत का आरोप लगाने के लिए सरकार की आलोचना की। विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा जिस पर स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने को कहा, वैसे ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों के सदस्य नोटबंदी के मुद्दे पर मतविभाजन के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा कराने की मांग करने लगे।

कांग्रेस नेता मल्लिकाजरुन खडगे ने कहा कि कल हम चर्चा के लिए तैयार थे लेकिन चर्चा नहीं होने दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री ने बेबुनियाद आरोप लगाए जो सही नहीं है। इस पर अध्यक्ष ने उनसे कहा कि वह 12 बजे बोलें और इसके लिए 12 बजे का समय तय किया गया है। इसके बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया। वित्त मंत्रालय से जुड़ा एक प्रश्न लिया गया और मंत्री ने उसका जवाब भी दिया। हालांकि विपक्षी सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा।

निशक्त बिल पारित
हालांकि हंगामे के बीच दिव्यांगों से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को आज संसद की मंजूरी मिल गई। लोकसभा ने आज इसे पारित कर दिया। इसमें निशक्तजनों से भेदभाव किए जाने पर दो साल तक की कैद और अधिकतम पांच लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। दिव्यांगों की श्रेणी में तेजाब हमले के पीड़ितों को भी शामिल किया गया है। निशक्त व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र संधि और उसके आनुषंगिक विषयों को प्रभावी बनाने वाला निशक्त व्यक्ति अधिकार विधयेक 2014 काफी व्यापक है और इसके तहत दिव्यांगों की श्रेणियों को सात से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है। इन 21 श्रेणी में तेजाब हमले के पीड़ितों और पार्किंसन के रोगियों को भी शामिल किया गया है। विधेयक पर टीआरएस सदस्य के कविता द्वारा पेश संशोधन को सदन ने मतविभाजन के पश्चात नामंजूर कर दिया।

सिर्फ 19 घंटे काम
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुझे आशा है कि आगामी सत्रों में कोई व्यवधान नहीं होगा और हम सभी बेहतर ढंग से कार्य करेंगे जिसके परिणामस्वरूप सार्थक चर्चाएं और सकारात्मक विचार विमर्श होंगे। मुझे सभा के सभी वर्गों के नेताओं और सदस्यों से समर्थन मिलने का विश्वास है। सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस सत्र के दौरान सभा की 21 बैठकें हुईं जो 19 घंटे चली। सत्र में व्यवधान के चलते बाध्य होकर सभा स्थगित किए जाने के कारण 91 घंटे और 59 मिनट का समय नष्ट हुआ जो हम सभी विशेष तौर पर मेरे लिए अच्छी बात नहीं है। इससे जनता में हमारी छवि धूमिल होती है।

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