नोटबंदी के फैसले पर लालू ने पीएम के खिलाफ राहुल के आरोपों का किया समर्थन

पटना। राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी पर सहारा और बिड़ला समूह से धन पाने के आरोप पर कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं इसका जवाब दें, नहीं तो इसकी जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराए जाने चाहिए।

यहां पत्रकारों से लालू ने कहा कि राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर जो आरोप लगाए हैं वह ‘भूकम्प से भी बडा भूकम्प’ है। उन्होंने रुपया देने की तिथि तथा किसने दिया इस प्रमाण देने की बात कही है। प्रधानमंत्री स्वयं जवाब दें और यदि यह गलत है तो राहुल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करें। राहुल द्वारा लगाए गए आरोप की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराए जाने का ऐलान करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के निर्णय को बिना तैयारी के लिया गया निर्णय बताते हुए लालू ने ‘अर्थव्यवस्था को चौपट’ करने तथा देश को ‘आर्थिक अराजकता’ में धकेलने का आरोप लगाया और ‘अंकल पोजर’ कहकर उपहास उड़ाया। प्रधानमंत्री के अपने विपक्षियों पर वाराणसी में की गयी टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए लालू ने कहा कि नोटबंदी फ्लाप हो चुका है। इसके कारण देश में मचे हाहाकार और उत्पन्न आर्थिक अराजकता के कारण लोगों की आवाज को उठाने वालों को देशद्रोही कहा जा रहा है। जनता के साथ खड़े लोगों को बेईमान कहा जा रहा है।

लालू ने कहा कि वे (मोदी) कहते थे आतंकवादी और नक्सली कालाधन का उपयोग करते हैं तो वे बताएं कि नोटबंदी के जरिए क्या उनसे राशि निकलवा सके। उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर बार-बार नियम बदले जाने से जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बिना किसी से विचार-विमर्श किए और प्रबंध किए नोटबंदी का एलान कर दिया गया।

लालू ने कहा कि नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री ने 50 दिन मांगे थे। उसके पूरा होने में चार दिन बचा है। इसका भी हश्र विदेश से कालाधन लाकर सभी के खाते में यूं ही 15 से 20 लाख रूपये पहुंच जाने के वायदे की तरह होगा, जिसे बाद में जुमला करार दिया गया था। राजद प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान उन्होंने पूर्व में ही कर दिया है। 28 दिसंबर को बिहार के सभी जिला समाहरणालय के समक्ष धरना का कार्यक्रम है जिसमें पटना जिला में स्वयं शामिल होंगे, जिसके बाद पटना के गांधी मैदान में रैली के आयोजन की तिथि की घोषणा करेंगे। इसमें नोटबंदी का विरोध कर रहे देश भर के विभिन्न दलों के नेताओं को आमंत्रित करेंगे। रैली के पूर्व नोटबंदी के विरोध में पूरे बिहार का भ्रमण करेंगे।

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ होने का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने भी कैशलेस सोसाइटी की बात को नकार दिया है। लालू ने कहा कि नीतीश जी 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी की समीक्षा करेंगे। महागठबंधन में कोई मतभेद नहीं है, चट्टानी एकता है। पूरी तरह से एकजुट हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के विचार से सहमति जताते हुए कहा कि वे ठीक ही कह रही हैं कि देश का पैसा प्रधानमंत्री के करीबी 5-6 घराने खा रहे है।

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