प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से स्कैम से निजात पाने को कहा

मेरठ। चुनाव घोषणा होने के बाद उत्तर प्रदेश में पहली रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आरोप लगाया कि उन्होंने नोटबंदी से जिन भ्रष्ट लोगों को धन निकलवाया था वे ही उन्हें हराने के लिए एकजुट हो गये हैं। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को निशाना बनाते यह भी आरोप लगाया कि हाल तक एक दूसरे पर आरोप लगाने वाली ये दोनों पार्टियां खुद को बचाने के लिये अब गले मिल गयी हैं। मोदी ने उत्तर प्रदेश के लोगों से स्कैम से निजात पाने को कहा। इसमें एस का मतलब समाजवादी पार्टी, सी का मतलब कांग्रेस, ए का मतलब अखिलेश यादव और एम से मायावती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को भाजपा के विकास एजेंडा तथा अपराधियों को शरण देने वाले, वोट बैंक राजनीति करने वालों और भूमि एवं खनन माफिया को प्रोत्साहन देने वालों में से किसी एक का चुनाव करना होगा। एक घंटे से अधिक दिए भाषण में उन्होंने राज्य में कथित रूप से व्याप्त भ्रष्टाचार, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति, भाई-भतीजावाद की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलने के लिए राज्य की सरकार बदलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश ने ही प्रधानमंत्री बनाया है और वह उसका कर्ज उतारना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ”यह तभी होगा जब कोई सरकार विकास के लिये केन्द्र से हाथ मिलाये। इस सरकार की तरह नहीं जो इसके विकास में ‘बाधक’ है। कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ अभियान चलाया था। उन्होंने हैरत जतायी कि ऐसा क्या हुआ जिससे दोनों ने अब हाथ मिला लिए। उन्होंने कहा, ‘‘रातों रात ऐसा क्या हुआ कि वे गले मिल गए। जो खुद अपने को नहीं बचा सकते, वे उत्तर प्रदेश को भी नहीं बचा सकते।’’ किसानों को लुभाते हुए उन्होंने छोटे एवं सीमांत किसानों के रिण माफ के पार्टी के वादे को दोहराया और सत्ता में पार्टी के आने पर गन्ना उत्पादकों के बकाया को 14 दिन में चुकाने को कहा।

गरीब एवं किसान समर्थक होने का दावा करते हुए मोदी ने कहा कि हाल का बजट उनके और मध्यम वर्ग के लोगों को ही ध्यान में रखकर बनाया गया। ब्रिटिश शासन के दौरान 1857 में विद्रोह का सूत्रपात मेरठ से ही होने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने गरीबी, भ्रष्ट ताकतों और भू माफियाओं के खिलाफ लड़ाई का प्रारंभ करने के लिए इसी स्थान का चुना है। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि वह शिखर से व्यवस्था को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें छोटी लड़ाइयों में कोई रूचि नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी टिकट बेचकर करेंसी नोट से कमरे भरने वाले लोग बहुत चिंतित हो गये क्योंकि मैंने आठ नवंबर को रात आठ बजे घोषणा कर उनको धन बैंकों में जमा करवाने के लिए मजबूर कर दिया।’’

मोदी ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि वे सब मेरे खिलाफ एकजुट हो जाएंगे। वे तूफान उठा देंगे क्योंकि मोदी ने उन्हें लूट लिया। वे उसे (मोदी को) नीचे ले आएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको क्या लगता है कि भ्रष्टाचार समाप्त होना चहिए और काला धन समाप्त होना चाहिए। मैं यही कर रहा हूं और न तो खुद चैन से बैठूंगा और इन लूटने वालों को भी चैन नहीं लेने दूंगा। मेरा विरोध करने के लिए भले ही जितने भी लोग एकजुट हो जाए, मेरी लड़ाई नहीं रूकेगी। मोदी नहीं रूकेगा।’’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की कर्नाटक सरकार के एक मंत्री के पास 150 करोड़ रूपये पाए गये और उसने संबंधित मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले उनकी सरकारी चिंता परिवार को लेकर थी, उसके बाद अपने बारे में और अब कुर्सी को लेकर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में ऐसे लोगों को भी टिकट दिये गये जिनमें खनन माफिया चलाने, अपराधियों, बलात्कारियों और भूमि पर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने आरोप है।

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