कर्ज माफी की मांग पर विपक्ष के साथ आयी शिवसेना

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में परेशानियों में घिरे किसानों का कर्ज माफ करने की विपक्षी कांग्रेस और राकांपा की मांग के समर्थन में शिवसेना भी सामने आ गयी और इस कारण हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को कुछ बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। जैसे ही आज सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कार्य स्थगन नोटिस के जरिये राज्य में लगातार पड़ने वाले सूखे के चलते किसानों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला और उन्होंने कहा कि कर्ज माफ किये जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

राकांपा नेता अजीत पवार ने भाजपा से कहा कि वह याद करें कि कैसे उसके मंत्री विपक्ष में रहते हुये किसानों के मुद्दे उठाते थे। उन्होंने पूछा, ‘‘जब उद्योगों का कर्ज माफ किया गया है तो सरकार किसानों के साथ ऐसा क्यों नहीं कर रही।’’ इसके बाद विपक्षी सदस्य आसन के समक्ष आ गये और नारेबाजी करने लगे। बाद में शिवसेना विधायक भी प्रदर्शन में शामिल हो गये। हालांकि उन्हें नारेबाजी करते हुये नहीं देखा गया। हंगामा होने के कारण अध्यक्ष हरीभाउ बागडे ने पहले 15 मिनट के लिए सदन स्थगित किया और फिर दूसरी बार प्रश्नकाल तक सदन की कार्यवाही स्थगित की।

जब सदन की बैठक फिर शुरू हुई तो महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने कहा कि सरकार किसान समर्थक है और उन्हें कर्ज से मुक्ति दिलाना चाहती है। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे और नारेबाजी करते रहे। बाद में पीठासीन अधिकारी सुधाकर देशमुख (भाजपा) ने पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। विखे पाटिल ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में मांग की कि राज्य सरकार कल निचले सदन में एक पंक्ति का प्रस्ताव लेकर आये कि वह 18 मार्च को पेश होने वाले बजट में किसानों का कर्ज माफ करने का प्रावधान करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने सहयोगी दल शिवसेना के साथ-साथ लोगों का विश्वास खो दिया है। इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस और राकांपा विधायकों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।

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