दिल्ली सरकार का बजट पेश, कोई नया कर नहीं

नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अगले वित्त वर्ष 2017-18 के लिये 48,000 करोड़ रुपये का बजट आज पेश किया। इसमें मुख्य रूप से परिवहन, स्वास्थ्य, जल वितरण और शिक्षा संबंधी ढांचागत सुविधाओं में सुधार पर जोर दिया गया है। अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने तीसरे बजट में केंद्र के निर्णय के अनुरूप योजना और गैर-योजना व्यय मदों को समाप्त कर दिया और इसे राजस्व एवं पूंजी वर्गीकरण के रूप में पेश किया।

बजट में किसी प्रकार के नये कर का कोई प्रस्ताव नहीं है। वित्त विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पहली बार ‘परिणाम बजट’ भी पेश किया। इसके बारे में उन्होंने कहा कि यह सरकार और लोगों के बीच ‘अनुबंध’ के रूप में काम करेगा। सिसोदिया ने जोर देकर कहा कि नोटबंदी के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था वृद्धि करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी से चालू वित्त वर्ष के लिये सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में (स्थिर मूल्य पर) गिरावट आएगी।

हालांकि, इसके बावजूद यह राष्ट्रीय स्तर पर अनुमानित वृद्धि दर से ऊंची होगी। बाजार मूल्य पर राष्ट्रीय राजधानी की वृद्धि दर 12.76 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम स्काईवाक के लिये धन का आवंटन करते हैं, केवल उसका निर्माण करना सफलता नहीं होगा। उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने लोग उसका उपयोग करते हैं। संक्षेप में यह परिणाम बजट के मकसद को बताता है।’’ नगर निकाय चुनावों को देखते हुए सरकार ने स्थानीय निकायों के लिये बजट में रिकार्ड 7,571 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह कुल आवंटन का करीब 15 प्रतिशत है।

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिये 11,300 करोड़ रुपये का आवंटन किया है जो कुल बजट का करीब 24 प्रतिशत है। पिछले साल आवंटन 10,690 करोड़ रुपये था। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये 5,736 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। आप सरकार के लिये यह प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। बजट में 1,156 करोड़ रुपये दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के लिये रखे गये हैं जबकि 100 करोड़ रुपये बस टर्मिनल और डिपो के विकास के लिये निर्धारित किये गये हैं।

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली का देश के जीडीपी में योगदान 2016-17 में बढ़कर 4.08 प्रतिशत हो गया जो 2011-12 में 3.94 प्रतिशत था। वर्ष 2017-18 के लिये कुल बजट 48,000 करोड़ रुपये का है। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों जैसे दूरदराज के क्षेत्रों के लिये विमान ईंधन पर वैट को 25 प्रतिशत से कम करके एक प्रतिशत पर लाया जाएगा। यह केंद्र की क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की योजना के अनुकूल है। सिसोदिया ने कहा कि आप सरकार बैटरी चालित वाहनों को सब्सिडी देना जारी रखेगी। यह पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 2,100 करोड़ रुपये जल क्षेत्र और यमुना की सफाई के लिये जबकि 3,100 करोड़ रुपये शहरी विकास के लिये रखे गये हैं।

दिल्ली महिला आयोग का बजट तीन गुना बढ़ाकर 120 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सिसोदिया ने कहा कि बिजली क्षेत्र के लिये आवंटन 2,194 करोड़ रुपये किया गया है और सौर ऊर्जा तथा कचड़े से बिजली पैदा करने पर जोर होगा। पर्यावरण विभाग के लिये 57 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं जो शहर में प्रदूषण निरोधक उपायों को बढ़ावा देता है।

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