उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 9 मंत्रियों के साथ ली शपथ

देहरादून: त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. रावत वर्ष 2000 में अस्तित्व में आये उत्तराखंड के नौवें मुख्यमंत्री बने हैं. शपथग्रहण समारोह देहरादून के परेड ग्राउंड में हुआ. इससे पहले शुक्रवार को उत्तराखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता और डोइवाला से विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत को पार्टी विधानमंडल का नेता चुन लिया गया था.
त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ 9 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली.

-मदन कौशिक ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली

-प्रकाश पंत ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली

-सतपाल महाराज ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली

– हरक सिंह रावत ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली

-धन सिंह रावत श्रीनगर सीट से विधायक ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. धन सिंह लंबे समय तक संघ से जुड़े रहे हैं.

-रेखा आर्य ने राज्मंत्री पद के तौर पर शपथ ली.

-सुबोध उनियाल जो नरेंद्रनग सीट से विधायक बने हैं, कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लिया. ये कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में आए हैं.

-अरविंद पांडेय गदरपुर सीट से भाजपा विधायक, ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लिया. ये नगरपालिका अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

-केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उमा भारती भी मंच पर मौजूद.

-त्रिवेंद्र रावत के शपथग्रहण समारोह में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी उपस्थित हैं

-रावत के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून में मौजूद
-राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ शपथग्रहण समारोह.

11 मार्च को आये नतीजों में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद से पार्टी में सतपाल महाराज और प्रकाश पंत सहित कई नामों पर मंथन के बाद रावत के नाम पर मुहर लगी थी.

भाजपा ने प्रदेश में तीन चौथाई से ज्यादा बहुमत हासिल कर 70 में से 57 विधानसभा सीटें अपने नाम की थी. भाजपा की यह जीत प्रदेश के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है.

उत्तराखंड के नए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का सियासी सफरनामा

उत्तराखंड में भाजपा के 5वें मुख्यमंत्री हैं त्रिवेंद्र रावत:

मोदी से जुड़े रहे रावत उत्तराखंड में भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कृषि मंत्री थे। दोईवाला से निर्वाचित रावत ने कांग्रेस प्रत्याशी हीरा सिंह बिष्ट को 24,000 वोटों से मात दी थी। वह आरएसएस में प्रचारक के रूप में भी जाने जाते हैं। रावत राज्य में भाजपा के पांचवें मुख्यमंत्री हैं। पार्टी ने उत्तराखंड में अपनी पहली सरकार साल 2000 में बनाई थी, जब उत्तर प्रदेश से अलग होकर यह राज्य बना था। नित्यानंद स्वामी राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे।

सर्वसम्मति से रावत चुने गए थे नेता:

शुक्रवार को भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों नरेंद्र तोमर और सरोज पांडे की मौजूदगी में हुई पार्टी विधानमंडल दल की बैठक में रावत को सर्वसम्मति से नेता चुना गया. बैठक के बाद तोमर ने संवाददाताओं को बताया कि रावत के नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे पिथौरागढ़ के विधायक प्रकाश पंत और चौबट्टाखाल के विधायक सतपाल महाराज ने रखा जिसका समर्थन कोटद्वार से विधायक हरक सिंह रावत, हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक, यमकेश्वर से विधायक रितु खंडूरी तथा कई अन्य विधायकों ने किया.

Leave a Reply

TEVAR TIMES is Stephen Fry proof thanks to caching by WP Super Cache