जानिए यूपी के नए सीएम का नेपाल से क्या है रिश्ता



नई दिल्लीः क्या आपको पता है कि यूपी के नए सीएम योगी आदित्यनाथ और उनके गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ का नेपाल से पुराना रिश्ता रहा है. जी हां योगी आदित्यनाथ का नेपाल और वहां के राजपरिवार से कई सालों से जुड़ाव रहा है. दरअसल गोरखपुर मठ भारत-नेपाल सीमा पर है. इसलिए इसका वहां के मंदिरों और नेपाल के राजपरिवारों के साथ पुराना संबंध है.
गोरक्षपीठ से नेपाल के राजपरिवार का रिश्ता

नेपाल का पूर्व राजपरिवार गोरखा समुदाय से जुड़ा हुआ है. गोरखा खुद को गुरु गोरखनाथ के वंशज मानते है. गोरखपुर का गोरक्षपीठ नाथ संप्रदाय के आंदोलन को आगे बढ़ाता है. नेपाल के राजा बीरेंद्र इस परंपरा के प्रतीक थे.राजा बीरेंद्र मंहत अवैद्यनाथ (गोरखक्षपीठ के पूर्व महंत वयोगी आदित्यनाथ के गुरु) को अपना गुरु मानते थे. साल 1992 में राजा बीरेंद्र खुद सड़क के रास्ते गोरक्षपीठ आए थे. नेपाल का राजपरिवार गोरखपुर मठ यानि गोरक्षपीठ और विश्व हिंदू परिषद जैसे अन्य हिंदूवादी संगठनों के सहयोगी माने जाते रहे है.

योगी आदित्यनाथ के यूपी के सीएम बनते ही विरोधियों ने किए ऐसे वार..

आदित्यनाथ का नेपाल से रिश्ता

आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में नेपाल के आखिरी राजा ज्ञानेंद्र के सम्मान में आयोजित विरोट हिंदू महासम्मेलन में योगी आदित्यनाथ मुख्यअतिथि थे. योगी आदित्यनाथ के नेपाल से रिश्ते को इस बात से समझा जा सकता है कि 2015 में उन्होंने नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करने का विरोध किया था. योगी आदित्नाथ ने सरकार से नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की अपील की थी.

गोरक्षपीठ का कांग्रेस कनेक्शन

आपको ये जानकर हैरानी होगी की तब केंद्र की सत्ता में बैठी बीजेपी की सरकार को उनकी ये बात रास नहीं आई थी. ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि अब योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद क्या केंद्र सरकार इस मामले में अपना रुख बदलेगी?

Leave a Reply

TEVAR TIMES is Stephen Fry proof thanks to caching by WP Super Cache