योगी आदित्यनाथ को पिता की सलाह- सभी धर्मों का सम्मान करो, मुस्लिम महिलाओं ने दिया है वोट



उत्तराखंड स्थित अपने आवास पर योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ठ और मां सावित्रि देवी.

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ जिस दिन लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे उस दिन के उत्तराखंड के एक छोटे से गांव पंचूर में भी खुशी की लहर दौड़ रही थी। यहीं योगी आदित्यनाथ का पैतृक आवास है, जहां उनका परिवार रहता है. यूपी के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद उनकी कट्टर हिन्दुत्व छवि की परीक्षा होनी है ऐसे में योगी के पिता आनंद सिंह बिष्ठ ने अपने बेटे को एक सलाह दी है.

पिता आनंद सिंह जो कि वन विभाग से रिटायर्ड हो चुके हैं, ने योगी को सलाह देते हुए कहा, ‘उसे सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है.’ उन्होंने कहा, ‘मुस्लिम महिलाओं (बुर्का पहनने वाली औरतें) ने भी उसे (योगी आदित्यनाथ को) वोट दिया है और उसे चाहिए कि वह सभी धर्मों का आदर करे और उनके दिलों को जीते.’

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आनंद सिंह बिष्ठ ने कहा, उसके बेटे के ऊप बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ‘मुस्लिम महिलाओं ने इस उम्मीद से भाजपा को वोट दिया कि पार्टी तीन तलाक और अन्य मुद्दों से उन्हें आजादी दिलाएगी. सभी धर्मों में यकीन रखने वाले विश्वास करते हैं कि भाजपा और आदित्यनाथ जनता के साथ-साथ प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाएंगे, उसे यह बात ध्यान में रखनी होगी.’

उत्तराखंड में जन्म और शिक्षा:

5 जून 1972 उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश था) के पौड़ी जिला स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव के राजपूत परिवार में योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था. योगी आदित्यनाथ का मूल नाम अजय सिंह बिष्ठ है.

1977 में टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की. स्कूल और कॉलेज सर्टिफिकेट में इनका नाम अजय सिंह है.1987 में टिहरी के गजा स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की. 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए एबीवीपी से जुड़े.

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उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है. योगी आदित्यनाथ का नाम लोकसभा में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के सांसदों की सूची में भी शामिल है.

अवैद्यनाथ ने आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया:

पढ़ाई के बाद वो गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आए. मंहत ने दीक्षा देकर अजय को योगी आदित्यनाथ का नाम दिया. अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया तो योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया.

योगी आदित्यनाथ जब 12वीं लोकसभा में सांसद बनकर पहुंचे तब उनकी उम्र मात्र 26 साल थी. इसके बाद आदित्यनाथ 1999, 2004, 2009 और 2014 में भी लगातार सांसद चुने जाते रहे.

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योगी आदित्यनाथ भाजपा के सांसद होने के साथ साथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं.2015 में 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला था. 2017 में विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने योगी आदित्यनाथ से पूरे राज्य में प्रचार कराया उन्हें हेलीकॉप्टर तक दिया गया था.

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