बाबरी मस्जिद विध्वंस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब दो सप्ताह बाद

देश की शीर्ष अदालत ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुनवाई दो सप्ताह तक के लिए टाल दी है.

नई दिल्ली : देश की शीर्ष अदालत ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुनवाई दो सप्ताह तक के लिए टाल दी है। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और विनय कटियार समेत 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश का आरोप है. मामले की सुनवाई आज होनी थी. इससे पहले बुधवार को बेंच में जस्टिस रोहिंग्टन के नहीं होने से सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी गई थी.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी और भाजपा, विहिप के अन्य नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इन अपीलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 मई 2010 के आदेश को खारिज करने का आग्रह किया गया है. हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) हटा दिया था. पिछले साल सितंबर में सीबीआई ने शीर्ष अदालत से कहा था कि उसकी नीति निर्धारण प्रक्रिया किसी से भी प्रभावित नहीं होती और वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाने की कार्रवाई सीबीआई के कहने पर नहीं हुई.

बुधवार को क्या हुआ?

इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति पीसी घोष ने बुधवार को कहा कि वह इस मामले की सुनवाई अपने साथी जज रोहिंग्टन नरीमन के साथ करेंगे। बुधवार को न्यायमूर्ति घोष न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता के साथ पीठ साझा कर रहे थे। बुधवार को याचिकाकर्ताओं में से एक हाजी महबूब अहमद की ओर से पेश वकील एमआर शमशाद ने सुनवाई टालने की गुहार करते हुए कहा कि उन्हें लखनऊ और रायबरेली में चल रहे मामलों के स्टेटस को लेकर दस्तावेज दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का वक्त चाहिए। पीठ सुनवाई एक हफ्ते के लिए टालने वाली ही थी कि आडवाणी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने कहा कि वह किसी अन्य मामले की रोजाना होने वाली सुनवाई में व्यस्त रहेंगे, लिहाजा सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी जाए।

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