यूपी में बेमियादी हड़ताल पर मीट कारोबारी, हड़ताल में मछली कारोबारी भी शामिल



अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई को लेकर यूपी में मीट विक्रेता बेमियादी हड़ताल पर है

लखनऊ: अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई को लेकर यूपी में मीट विक्रेता बेमियादी हड़ताल पर है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई दूसरे इलाकों में मीट मछली खाने वालों को आज दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में मांस विक्रेताओं की हड़ताल में मटन और चिकन विक्रेताओं के बाद अब मछली कारोबारियों ने भी इस हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया है. प्रदेश में हड़ताल की वजह से मांस परोसने वाले होटल अब बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं.

बीजेपी ने मैनिफेस्टो में अवैध बूचड़खानों को बंद करने का वादा किया था

भाजपा ने अपनी चुनाव घोषणापत्र में सत्ता में आने पर प्रदेश के सभी यांत्रिक बूचड़खानों को बंद करने का वादा किया था. इसे जमीन पर उतारने की कवायद के तहत प्रदेश की आदित्यनाथ योगी सरकार ने कल एक बयान में कहा, ‘प्रदेश में संचालित अवैध पशु वधशालाओं को बन्द कराना एवं यांत्रिक पशु वधशालाओं पर प्रतिबन्ध वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं में है.

देश से करीब 26685 करोड़ रुपये का मांस दूसरे देशों में भेजा जाता है

एसोसिएशन के पदाधिकारी ने बताया कि पिछले तीन महीने के दौरान नोटबंदी की वजह से पहले ही काफी नुकसान हो चुका है. अगर यांत्रिक बूचड़खाने बंद किए गए तो इससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा. इससे उन किसानों पर भी प्रभाव पड़ेगा, जो अपने बेकार हो चुके जानवरों को बूचड़खानों में बेचते हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस वक्त देश से करीब 26685 करोड़ रुपये का मांस दूसरे देशों में भेजा जा रहा है. अगर उत्तर प्रदेश में सभी यांत्रिक बूचड़खानों को बंद किया गया तो यह निर्यात घटकर लगभग आधा हो जाएगा.

मांस कारोबारियों का आरोप

मांस कारोबारियों का आरोप है कि भारी-भरकम रिश्वत मांगे जाने की वजह से लाइसेंस हासिल करने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना बेहद मुश्किल हो गया है. प्रदेश की योगी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पशु वधशालाओं का निरीक्षण किया जाए तथा अवैध रूप से संचालित पशुवधशालाओं को तत्काल प्रभाव से बन्द कराने के साथ-साथ दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत प्रावधानों के अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए.

इस संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है. शासनादेश में मुख्य सचिव ने पशुवधशालाओं में अवैध रूप से हो रहे पशु वध को रोके जाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय एक समिति का गठन करने के निर्देश हैं.

योगी के पद संभालने के कुछ घंटे के भीतर इलाहाबाद में दो बूचड़खाने सील

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के पद संभालने के कुछ घंटे के भीतर ही इलाहाबाद में प्रशासन ने दो बूचड़खानों को सील कर दिया था. तकरीबन एक साल पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इन दो बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था.

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