लोकसभा में GST से जुड़े 4 विधेयकों पर बहस शुरू, 7 घंटे की चर्चा के बाद आज ही पारित होने की संभावना

नई दिल्ली : लोकसभा में बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े चार विधेयकों पर बहस शुरू हो गई है. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि उत्पादों तथा सेवाओं को बेहतर तरीके से देश की जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार यह कानून लागू करना चाहती है. वित्त मंत्री ने कहा कि इससे मिलने वाले राजस्व का बंटवारा केंद्र तथा राज्यों के बीच किया जाएगा.
वित्तमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी), इन्टीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी), यूनियन टेरिटरीज़ जीएसटी (यूटीजीएसटी) तथा जीएसटी मुआवज़ा कानून चारों को एक साथ इसलिए लाया जा रहा है, क्योंकि इनकी विषयवस्तु एक ही है. जीएसटी कानून के मुताबिक, संसद तथा राज्य विधानसभाओं को जीएसटी लागू करने का अधिकार होगा. इसमें केंद्र-राज्य सरकारों के बीच मतभेदों से बचने के लिए व्यवस्था पर ज़ोर दिया गया है. इससे पहले कांग्रेस की ओर से पहले वक्ता के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि जीएसटी अभूतपूर्व बदलाव लाने वाला कदम है. हालांकि जीएसटी का एन्टी-प्रॉफिटीयरिंग क्लॉज़ काफी निरंकुश है.

इस विधेयकों पर बहस के लिए करीब 7 घंटे का वक्त तय किया गया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को जीएसटी से जुड़े 4 बिलों को सोमवार को संसद में पेश किया था. इस बेहद अहम बिल पर बहस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी सदन में मौजूद हैं.

 जीएसटी बिल आम सहमति से पारित कराना चाहती है सरकार

मालूम हो कि इन विधेयकों में अधिकतम 40 प्रतिशत जीएसटी रेट, मुनाफाखोरी रोकने के लिए अथॉरिटी बनाने और कर चोरी करने पर गिरफ्तारी जैसे प्रस्ताव हैं. विवाद और सुनवाई के लिए जीएसटी अपील ट्रिब्यूनल का गठन का प्रावधान है. सरकार का मकसद आगामी एक जुलाई से जीएसटी को लागू करना है.

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