ढेर सारे नियम-कायदों में आज से दिखेंगे ये बदलाव, आंके अपना नफा-नुकसान

नई दिल्ली : 1 अप्रैल 2017 से आपके जीवन में कई बदलाव होने वाले हैं. क्योंकि इस दिन से आपके जीवन से जुड़े कई नियमों बदल जाएंगे. इन नियमों के बदलने से आपके जीवन में कहीं राहत तो कहीं आफत का आना संभव है. एक तरफ जहां रेलवे में आरक्षण की नई प्रणाली ‘विकल्प’ लागू होगी. वहीं देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के बदले हुए नियम भी लागू होंगे. गाड़ियों को लेकर भी नियम बनाएं गए है साथ ही कैश लिमिट भी निर्धारित की गई है. चलिए हम आपको बताते है कि कहां आपके लिए राहत होगी और कहां आफत?

आज से ये सब चीजें सस्ती और बाकी सब महंगी

रेलवे की ‘विकल्प’ योजना होगी लागू
रेल मंत्रालय ने ‘विकल्प’ नामक एक नई आरक्षण प्रणाली या वैकल्पिक ट्रेन आवास योजना (एटीएएस) की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल 2017 से अमल में आ गई है. इस योजना के तहत वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को राजधानी, शताब्दी या अन्य प्रीमियम/विशेष ट्रेनों में यात्रा करने का अवसर मिल सकता है. भले ही उन्होंने अन्य मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों में एक ही गंतव्य के लिए टिकट बुक कराए हों. इसके लिए अलग से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा.

दो लाख से अधिक की ज्वैलरी खरीदी तो…
आज से दो लाख रुपये से अधिक के आभूषणों की खरीद पर एक प्रतिशत का स्रोत कर यानी टीसीएस देना होगा. अभी तक इसकी मौजूदा सीमा 5 लाख रुपये थी. वित्त विधेयक 2017 के पारित होने के बाद आभूषण भी सामान्य वस्तुओं की श्रेणी में आ जाएंगे जिन पर दो लाख रुपये से अधिक की खरीद पर एक प्रतिशत टीसीएस देना होगा. इस विधेयक में टीसीएस के लिए 5 लाख रुपये से अधिक के आभूषणों की खरीद की सीमा को समाप्त करने का प्रस्ताव है इसकी वजह यह है कि 2017-18 के बजट में तीन लाख रुपये से अधिक के नकद सौदों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके उल्लंघन में नकदी स्वीकार करने वाले व्यक्ति पर उतनी ही राशि का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. चूंकि आभूषणों की खरीद के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है ऐसे में अब इसे सामान्य उत्पादों के साथ मिला दिया गया है.

 एसबीआई के ग्राहकों को सेवाओं के बदले चुकाने होंगे अधिक पैसे

वाहनों को लेकर कई नए नियम आज से लागू
1 अप्रैल 2017 की सुबह से नए एमिशन नॉर्म्स भी लागू हो गए हैं. ये फैसला 2015 में लिया गया था. इसके तहत सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों को बीएस-4 इंजन वाली गाड़ियां (टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर) बेचनी होंगी. इसके तहत पुराने मॉडल की एक्टिवा जैसी स्कूटर, पल्सर जैसी बाइक आदि के खरीदने और रजिस्ट्रेशन पर रोक लग गई है. अब अगर आप कोई नई गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो मॉडल और इंजन की जानकारी जरूर कर लें.

स्वास्थ्य व वाहनों के बीमा आज से महंगे
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने बीमा कंपनियों को अपने एजेंटों को दिए जाने वाले कमीशन की समीक्षा को हरी झंडी दे दी है. इसके बाद आज से कार, मोटरसाइकिल व स्वास्थ्य बीमा महंगा हो गया है. इरडा पहले ही मोटर वाहन तीसरा-पक्ष बीमा यानी थर्ड पार्टी इंशोरेंस व ग्रुप हेल्थ इंशोरेंस जैसे क्षेत्रों में प्रीमियम की दरें बढ़ाने का संकेत दे चुका था. पहली अप्रैल से थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम की दरों में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है. केवल 1000 सीसी से कम क्षमता की छोटी कारों को इससे बख्शा गया है.

कैश ट्रांजैक्शन लिमिट का निर्धारण
बजट 2017 के दौरान वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कैश ट्रांजैक्शन लिमिट 2 लाख तक करने की बात कही थी फिलहाल ये 3 लाख है. अगर बदलावों को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो पेनल्टी की रकम उतनी ही होगी, जितनी एक्‍स्‍ट्रा रकम कैश में ली गई है. यानी अगर किसी ने 5 लाख रुपए कैश में लिए हैं तो उसे 3 लाख रुपए की पेनल्टी देनी पड़ सकती है. अगर ये नियम लागू होता है तो शादी, पार्टी, जमीन की खरीदारी, गहनों की खरीदारी आदि पर एक दिन में 2 लाख से ज्यादा का कैश ट्रांजैक्शन नहीं किया जा सकेगा.

इनकम टैक्स से जुड़े इन नियमों में भी बदलाव
1. ढाई लाख से 10 लाख रुपये के बीच की आय वालों का टैक्स 10 फीसद से 5 फीसदी कर दिया गया है. सेक्शन 87ए के तहत छूट 5000 रुपये से घटाकर 2500 रुपये कर दी गई है. साथ ही जिनकी आय 3.5 लाख रुपये से ऊपर है उनके लिए कोई छूट नहीं है.
2. जिन लोगों की आय 50 लाख से 1 करोड़ है, उनपर 10 फीसदी सरचार्ज लगेगा. साथ ही जिन लोगों की आय एक करोड़ रुपये के ऊपर है उनपर 15 फीसदी तक का सरचार्ज लगेगा.
3. जिन लोगों की कर योग्य आय 5 लाख रुपये तक की है (बिजनेस इनकम के अलावा) उनके लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए एक पेज का सरल फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा.
4. एसेसमेंट ईयर यानी आंकलन वर्ष 2018-19 के लिए राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों के लिए कोई भी डिडक्शन नहीं दी जाएगी.
5. आयकर विभाग अधिकारी बीते 10 वर्षों के उन सभी मामलों की फिर से जांच कर सकता है, जिनकी आय और संपत्ति 50 लाख रुपये से अधिक है. मौजूदा समय में आयकर विभाग अधिकतम 6 वर्षों के केस ही खोल सकता है.
6. लंबे समय के लाभ के लिए प्रॉपर्टी से पैसे कमाने वालों के लिए अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष कर दी गई है.
7. सरकार ने उन संपत्तिधारकों के लिए कर लाभ कम कर दिए हैं, जो उधारकर्ता (बॉरोअर्स) बन कर किराए का फायदा उठाते हैं.
8. जिन लोगों को 50,000 रुपये से अधिक का किराया मिलता है, उन्हें 5 फीसदी अतिरिक्त टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) देना होगा.
9. नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से की जाने वाली आंशिक निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.
10. अब पैन कार्ड के आवेदन के लिए भी आधार कार्ड का होना अनिवार्य होगा. साथ ही जुलाई से टैक्स रिटर्न भरते वक्त आधार का होना जरूरी होगा.

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