RBI ने नीतिगत ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, रिवर्स रेपो रेट में 0.25% की वृद्धि

नई दिल्ली : आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत ब्याज दरों में किसी तरह का कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया. मौद्रिक नीति समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट 6.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा। लेकिन रीवर्स रेपो रेट 5.75 प्रतिशत से बढ़ाकर जरूर 6 प्रतिशत कर दिया. यानी, रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में अंतर 0.50 प्रतिशत से घटकर 0.25 प्रतिशत रह गया.
महंगाई दर में मामूली उठापटक की उम्मीद
रिजर्व बैंक के मुताबिक, अगली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर 4.5 प्रतिशत रहेगी जबकि उसके आगे के छह महीने (अक्टूबर-मार्च छमाही) में 5 प्रतिशत तक की महंगाई का अनुमान लगाया गया है. जनवरी से मार्च 2018 तिमाही के लिए महंगाई दर 4.9 प्रतिशत रहने की बात कही गई है.

 

चालू सत्र में जीडीपी 7.4% रहने का अनुमान
ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा की दो अहम बातें यह हैं कि रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष 2018-19 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. 2016-17 में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत थी.

जीएसटी से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा
उधर, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) को भी मंजूरी मिल गई है. इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. आरबीआई का कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर के असर से एकबारगी मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा है. मुद्रास्फीति के रूख को लेकर जोखिम दोनों तरफ से बराबर-बराबर है. मॉनूसन को लेकर अनिश्चितता से मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ने का अनुमान भी बैंक ने लगाया है.

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