बुरे फंसे लालू के लाल, मिट्टी घोटाले में नीतीश सरकार ने दिए जांच के आदेश



बिहार में मिट्टी घोटाले में फंसा लालू का परिवार.

पटना : मिट्टी घोटाले में लालू के लाल की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. बिहार के मुख्य सचिव ने संजय गांधी जैविक उद्यान में मिट्टी घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं. मालूम हो कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे पर मिट्टी घोटाला का आरोप लगाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वे मानहानि के मुकदमे की धमकी से डरने वाले नहीं हैं और अपने बयान पर कायम हैं.
क्या है मिट्टी घोटाले का पूरा मामला?
सुशील मोदी की बातों पर भरोसा करें तो उन्होंने कहा कि लालू ने अपने मॉल की मिट्टी को बिना टेंडर के अपने बेटे के विभाग को 90 लाख रूपये में बेच दिया, जो राज्य सरकार में मंत्री है. आरोपों के मुताबिक, राजधानी पटना में बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाया जा रहा है. इस मॉल की मालिक डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है. कंपनी में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे एवं राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेजप्रताप यादव, छोटे बेटे एवं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनकी पुत्री चंदा यादव डायरेक्टर हैं. इस तरह आरोपों के मुताबिक इस मॉल का मालिक लालू प्रसाद यादव का परिवार ही है.

20 जून 2014 को बनाया गया निदेशक
भाजपा नेता का दावा है कि डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव और चंदा यादव को 20 जून 2014 को निदेशक बनाया गया. इस कंपनी को 2 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई. इसी जमीन पर बन रहे बिहार के सबसे बड़े शापिंग मॉल का निर्माण आरजेडी से सुरसंड के विधायक सैयद अबू दौजान की कंपनी कर रही है.

सुशील मोदी ने सरकार से किए ये सवाल
भाजपा नेता सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद का परिवार अपने मॉल की मिट्टी को अपने ही विभाग को बेचकर 90 लाख रूपये की कमाई कर चुका है.
उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई मंत्री अपनी जमीन की मिट्टी को अपने विभाग के लिए खरीद सकता है? क्या बिना टेंडर के 90 लाख रूपये की मिट्टी सरकारी विभाग में खरीदी जा सकती है? क्या मुख्यमंत्री पूरी जांच करके संबंधित मंत्री को बर्खास्त करेंगे?

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