मप्र में पांच रूपये में गरीबों को भरपेट भोजन की योजना शुरू

भोपाल। तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा चलाई गई ‘अम्मा कैंटीन’ की तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार भी आज शाम लोकलुभावन ‘दीनदयाल रसोई योजना’ की शुरूआत की, जिसके तहत पांच रूपये में गरीबों को भरपेट एक थाली भोजन मिलेगा। यह योजना भाजपा के विचारक दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू की गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में इसका शुभारंभ किया।
इससे पहले मध्यप्रदेश की नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने कहा था, ‘‘सात अप्रैल को ग्वालियर से दीनदयाल रसोई योजना की शुरूआत मुख्यमंत्री चौहान करेंगे। यह योजना प्रदेश के 51 जिलों में से 49 जिलों के मुख्यालयों में आज शाम को छह से सात बजे के बीच शुरू होगी।’’ उन्होंने कहा कि भिण्ड और उमरिया जिले में विधानसभा उपचुनाव के कारण इस योजना की शुरूआत बाद में की जायेगी। गौरतलब है कि भिण्ड जिले की अटेर एवं उमरिया जिले की बांधवगढ़ में नौ अप्रैल को उपचुनाव होना है। माया ने बताया, ‘‘हर जिला मुख्यालय में न्यूनतम एक स्थान पर दीनदयाल रसोई प्रारंभ की जायेगी। आवश्यकतानुसार बड़े शहरों में एक से अधिक केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगें।’’ उन्होंने कहा कि दीनदयाल रसोई योजना से न सिर्फ कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध होगा बल्कि हर वर्ग के व्यक्ति को अपने सामाजिक दायित्व निभाने का सुअवसर भी मिलेगा।

मंत्री माया सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्य करने वाले गरीबों को आवास व्यवस्था के साथ-साथ भोजन की समुचित व्यवस्था के मद्देनजर दीनदयाल रसोई योजना की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘पांच रूपये की थाली में कोई भी व्यक्ति भरपेट भोजन कर सकेगा। थाली में चार रोटी, एक सब्जी और दाल शामिल होगी। रोजाना पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक लगभग 2,000 लोगों के खाने की व्यवस्था होगी।’’ माया ने बताया कि योजना की व्यवस्था की निगरानी जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति करेगी। समिति में शासकीय अधिकारियों के अतिरिक्त अनाज व्यापारी संघ तथा सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष को भी सदस्य बनाया गया है। रसोई केन्द्रों के लिए गेहूं एवं चावल एक रूपये प्रति किलो की दर से उचित मूल्य की दुकान के माध्यम से उपलब्ध करवाया जायेगा। पानी तथा बिजली की व्यवस्था नगर निगम द्वारा नि:शुल्क की जायेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना से राशि उपलब्ध होगी। प्रत्येक केन्द्र के लिए स्थानीय मुख्यालय के राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोला जायेगा।

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