संसद में ममता के खिलाफ भाजपा नेता के बयान की गूंज

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक सदस्य द्वारा प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सिर पर 11 लाख रूपये का ईनाम घोषित करने का मामला आज संसद में उठा और सरकार ने कहा कि वह इस प्रकार के बयान की निंदा करती है। लोकसभा में सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने यह मामला उठाते हुए कहा कि बीरभूम जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था जिसके बाद भाजपा के एक नेता ने कहा कि जो भी प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर काट कर लाकर देगा उसे 11 लाख रूपये का ईनाम दिया जाएगा।
सौगत राय ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ इस प्रकार का बयान देना बेहद अनुचित है जो पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में संबंधित भाजपा सदस्य के खिलाफ सभी संभावित कार्रवाई करे जिसने इस प्रकार का भड़काऊ बयान दिया है। कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसा बयान स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए सरकार की ओर से कड़ा संदेश आना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने इस पर कहा कि इस प्रकार का जो सिरफिरा बयान दिया गया है वह गलत है और हम इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। ममता बनर्जी एक निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं और उनका सम्मान होना चाहिए। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी कहा, मेरा सभी से हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप सभी सांसद हो, आपको बोलते समय संयम रखना चाहिए। हम सभी जनप्रतिनिधि हैं और हम सभी को इसका ध्यान रखना चाहिए।’’

विपक्ष की ओर से कई अन्य सदस्यों ने भी सौगत राय और खड़गे की बात से खुद को संबद्ध किया। राज्यसभा में भी सरकार ने इस बयान की निंदा की और कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर समुचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर राय ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के एक कार्यकर्ता ने अत्यंत आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को ‘राक्षस’’ बताया और उनका सिर काट कर लाने वाले को 11 लाख रूपये का इनाम देने का ऐलान किया है। उन्होंने सदन और सरकार से इस बयान की निंदा करने की मांग करते हुए कहा कि इस पर तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पार्टी एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए इस तरह के बयान की निंदा करते हैं।

राय ने कहा, ”संवैधानिक तौर पर निर्वाचित मुख्यमंत्री को राक्षस बताया जाना विकृत मानसिकता का परिचायक है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में धर्म और अन्य बातों के नाम पर आतंक का राज स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘मैं इस तरह के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। राज्य सरकार इस मुद्दे पर समुचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।’’ उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि राज्य सरकार एक प्राथमिकी दर्ज करा सकती है और कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की कार्रवाई को कानून के दायरे में लाया जा सकता है। ‘‘प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए। कानून अपना काम करेगा।”

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