बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का दूसरा दिन LIVE: बैठक से पहले पीएम मोदी ने किए लिंगराज मंदिर के दर्शन



पीएम मोदी ने किए लिंगराज मंदिर के दर्शन

भुवनेश्वर: बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दूसरे दिन की बैठक से पहले पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने भगवान लिंगराज (शिव) का आशीर्वाद लिया. इससे पहले उन्होंने ओडिशा विद्रोह में शामिल रहे फ्रीडम फाइटर्स के परिजन का सम्मान किया.
लिंगराज मंदिर जाने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ओडिशा के राजभवन पहुंचे यहां उन्होंने ईस्‍ट इंडिया कंपनी के खिलाफ लड़ने वाले स्‍वतंत्रता सेनानियों के परिजनों से मुलाकात की. इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि ओडिशा के जनजातिय लोगों का आजादी की लड़ाई का काफी अहम योगदान रहा है, जिसको कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है.

उन्‍होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह विडंबना है कि आजादी की लड़ाई को एक ही पार्टी और कुछ परिवारों तक सीमित कर दिया गया.

इसके बाद पीएम मोदी ने भुवनेश्‍वर के लिंगराज मंदिर के दर्शन किए. लिंगराज भुवनेश्‍वर का सबसे बड़ा मंदिर है. लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है. यहां हरिहर (शिव-विष्णु) की पूजा की जाती है. नागर शैली में बना यह मंदिर करीब 1400 साल पुराना है. इसे सोमवंशी और गांगेय राजाओं ने बनवाया था.

11वीं शताबदी के इस शिव मंदिर के बाहर अभिवादन कर रहे उत्साही लोगों को गर्मजोशी भरी प्रतिक्रिया दी. मोदी जैसे ही मंदिर पहुंचे, बाहर मौजूद लोगों ने उनका अभिवादन किया. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए अपने अपने मकानों की छतों पर भी खड़े थे. प्रधानमंत्री ने लोगों की ओर देख कर हाथ हिलाया। इसके बाद भाजपा नेता और पुजारी उन्हें मंदिर के अंदर ले गए.
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प्रधानमंत्री के साथ अंदर गए एक पुजारी ने बताया कि मंदिर के अंदर मोदी करीब 25 मिनट रहे। उन्होंने कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा की और भगवान लिंगराज को फूल, बेल पत्र, दूध, नारियल पानी तथा मिठाइयां अर्पित कीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर को देखा और पार्वती देवी सहित अन्य देवी देवताओं की पूजा की.

प्रधानमंत्री ने मंदिर के सेवायतों से भी बात की और मंदिर से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में पूछताछ की. एक सेवायत ने बताया कि प्रधानमंत्री को मंदिर के इतिहास, परंपराओं और वास्तु के बारे में बताया गया. प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर को साफ सुथरा रखे जाने तथा हर ओर ‘स्वच्छता’ सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

कुछ सेवायत प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते भी देखे गए. एक सेवायत ने बताया ‘यह दुर्लभ अवसर था और हम इसे जाने नहीं देना चाहते थे.’ मंदिर से जाने से पहले प्रधानमंत्री ने वीवीआईपी पुस्तिका में हस्ताक्षर किए.बाहर उत्साहित भीड़ इंतजार कर रही थी. हाथ हिलाते हुए प्रधानमंत्री कुछ दूर तक नंगे पैर चले फिर अवरोधक की ओर बढ़ गए. उत्साहित भीड़ ‘मोदी, मोदी’ चिल्ला रही थी और मोदी भाजपा की कार्यकारिणी बैठक के दूसरे दिन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए जनता मैदान की ओर बढ़ गए.

देखें- भुवनेश्वर में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी

इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी ने भुवनेश्वर में रोड शो किया. इस रोड शो में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़े थे. पीएम मोदी ने भी गाड़ी से बाहर निकलकर लोगों का अभिनंदन किया.

रोड शो के दौरान मोदी अपनी कार से उतरकर जनता के बीच पहुंचे. मोदी रोड शो में करीब सौ मीटर तक पैदल चलकर भी जनता से रूबरू हुए. पीएम मोदी का जगह-जगह ओडिशा के लोकनृत्य और सांस्कृतिक एवं पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पहले दिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आत्मसंतोष के खिलाफ पार्टी नेताओं को सचेत करते हुये कहा कि अभी शिखर पर पहुंचना बाकी है और साथ ही उन्होंने उन राज्यों में पार्टी के विस्तार की योजनाएं रखीं, जहां वह पारंपरिक तौर पर कमजोर है. भाजपा की यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के उद्घाटन भाषण में यह भी कहा कि पार्टी का ‘स्वर्ण युग’तब आएगा, जब वह पंचायत से लेकर संसद तक देश भर में शासन करेगी.

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दक्षिण और पूर्वी भारत में पार्टी की बढ़त की महत्वाकांक्षी योजना पेश करते हुये शाह ने इस दावे को खारिज कर दिया कि मध्य और पश्चिम भारत में दबदबे तथा असम और मणिपुर जैसे राज्यों में पहली बार जीत के साथ भगवा पार्टी अपने चरम पर है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत पार्टी के शीर्ष नेता इस मौके पर मौजूद थे. शाह ने संगठन से हिमाचल प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव के अगले चरण के लिए जीत का संकल्प लेने के लिए कहा, जैसा कि इलाहाबाद में पिछले साल हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनावों के लिए लिया गया था.

कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के 13 मुख्यमंत्री मौजूद

बैठक में पार्टी के 13 मुख्यमंत्री भी मौजूद थे. यह संख्या भाजपा की स्थापना से लेकर अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है.

शाह ने केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी की बढ़त की संभावनाओं के बारे में बात करते हुये कहा कि वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए 95 दिन देश की यात्रा करेंगे तथा उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और केन्द्रीय मंत्रियों को संगठन को मजबूत करने के लिए 15 दिन देने के लिए कहा.

अमित शाह बोले, ‘बीजेपी का अभी शीर्ष पर पहुंचना बाकी है’

उन्होंने कहा, ‘बीजेपी का अभी शीर्ष पर पहुंचना बाकी है. इसका स्वर्ण युग तब आएगा, जब वह देशभर में पंचायत से लेकर विधानसभाओं और संसद तक शासन करेगी.’

केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पार्टी नेताओं की बंद कमरे में हुई बैठक में शाह के भाषण के बारे में संवाददाताओं को जानकारी दी. हालांकि, वह भाजपा शासित राजस्थान में गो रक्षकों द्वारा की गई एक व्यक्ति की हत्या और कश्मीर में गतिरोध बढ़ने जैसे हाल के विवादित मुद्दों को टाल गये. उन्होंने कहा कि पार्टी का स्वर्ण युग, भारत का स्वर्ण युग होगा और यह दुनिया में एक महान राष्ट्र के रूप में उभरेगा.

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शाह ने कहा कि वह मोदी सरकार की गरीब समर्थक और कल्याणकारी नीतियों के कारण राज्यों में चुनाव जीती हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजादी के बाद से सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता हैं.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को हराकर पार्टी ने यह मिथक तोड़ दिया कि वह कांग्रेस को तो हरा सकती है लेकिन क्षेत्रीय दलों को नहीं और उन्होंने कहा कि भाजपा ओडिशा में ऐसा ही प्रदर्शन दोहराने में सक्षम है. शाह ने कहा, ‘हम असम और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी कमजोर थे लेकिन इन दो राज्यों में भाजपा ने सरकार बनाई. हम ओडिशा में भी जीतेंगे.’

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