जावेद अख्तर की चेतावनी, जाधव को नुकसान पहुंचाकर पाकिस्तान करेगा करगिल से बड़ी गलती

जावेद अख्तर की पाकिस्तान को चेतावनी

नई दिल्ली : बॉलीवुड के मशहूर लेखक-गीतकार और शायर जावेद अख्तर ने कुलभूषण यादव मामले में पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. पाकिस्तान में भारतीय नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी देने पर जावेद अख्तर ने कहा है कि ये पाकिस्तान के लिए ठीक नहीं है.
जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा है कि अगर पाकिस्तान जाधव को नुकसान पहुंचाता है तो वो 1965, 1971 और करगिल से बड़ी गलती करेगा. जावेद अख्तर ने आगे लिखा कि मुझे उम्मीद है कि वे जानते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है.

बता दें कि दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान ने ट्वीट कर लोगों से भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है. कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी करने के मामले में मौत की सजा सुनाई है.

सलीम खान ने कहा कि पाकिस्तान के पास भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए सुनहरा अवसर है सलीम ने बुधवार रात ट्वीट कर कहा, “पाकिस्तान, भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की बात करता है. अब एक अवसर है. आइए, कुलभूषण जाधव की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रार्थना करें.”
जाधव को पिछले साल मार्च में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. उस पर पाकिस्तान में जासूसी व विध्वंसकारी गतिविधियों के लिप्त होने का आरोप लगाया गया.

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार युद्ध

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच अब तक 4 युद्ध हुए हैं. 1947 में विभाजन के समय दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ. उसके बाद 1965, 1971 और 1999 में करगिल युद्ध हुआ.

1965 का भारत-पाक युद्ध दोनों देशों के बीच अप्रैल 1965 से सितंबर 1965 के बीच हुआ था. इसे कश्मीर के दूसरे युद्ध के नाम से भी जाना जाता है. इस लड़ाई की शुरुआत पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को घुसपैठियों के रूप मे भेज कर इस उम्मीद में की थी कि कश्मीर की जनता भारत के खिलाफ विद्रोह कर देगी. इस युद्ध का अंत संयुक्त राष्ट्र के द्वारा युद्ध विराम की घोषणा के साथ हुआ और ताशकंद मे दोनों पक्षों मे समझौता हुआ.

1971 का युद्ध भारत-पाकिस्तान के बीच एक सैन्य संघर्ष था. हथियारबंद लड़ाई के दो मोर्चों पर 14 दिनों के बाद युद्ध पाकिस्तान सेना और पूर्वी पाकिस्तान के अलग होने की पूर्वी कमान के समर्पण के साथ खत्म हुआ.

1999 में पाकिस्तान की सेना और कश्मीरी उग्रवादियों ने भारत और पाकिस्तान के बीच की नियंत्रण रेखा पार करके भारत की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की. कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के एक समूह ने समुद्र तल से 17,400 फीट से ज्यादा की उंचाई पर स्थित पाकिस्तानी चौकी को लेजर नियंत्रित बमों के जरिये ध्वस्त कर दिया था. करीब दो महीने तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के करीब 550 जवान शहीद हुए थे. इस लड़ाई की शुरुआत 8 मई 1999 को हुई थी और 14 जुलाई को इसका अंत हुआ लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपेयी ने 26 जुलाई को करगिल विजय का ऐलान किया.

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