भारत में गर्मी का कहर, 12 साल में पहली बार सबसे अधिक तप रहा अप्रैल

नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में अप्रैल

नई दिल्ली : भारत में गर्मी के मौसम ने अपना कहर ढाना शुरू कर दिया है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है. शुक्रवार को उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा.
आम तौर पर अप्रैल के महीने में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है, लेकिन शनिवार को पारा बढ़ा और यह 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 17 अप्रैल 2016 मौसम का सबसे गर्म दिन था, इस दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. हालांकि, पिछले अप्रैल में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा था. वैसे शुक्रवार भी वर्ष का सबसे गर्म दिन था क्योंकि अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में अप्रैल

पिछले करीब 12 साल में यह दूसरी बार हुआ है जब अप्रैल माह में 20 तारीख के पार पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा है. इतने सालों में सिर्फ वर्ष 2009 में सिर्फ एक बार इस अवधि में तापमान में 43 डिग्री के पार पहुंचा था, लेकिन वह भी बीस अप्रैल को इसके अतरिक्त ऐसा इस बार ही हो रहा है जब 16 अप्रैल को ही गर्मी ने 43 डिग्री के आंकड़ा पार कर लिया. श

ओडिशा में एक व्यक्ति की मौत

ओडिशा में भीषण गर्मी से एक और व्यक्ति की मौत हो गई. राज्य में कई स्थानों पर तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा. ओडिशा में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है. एक व्यक्ति की मौत के साथ अब तक इस मौसम में दो लोगों की मौत हो चुकी है. विशेष राहत आयुक्त ने एक बयान में बताया कि अंगुल जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई. ओडिशा चिलचिलाती धूप का सामना कर रहा है. राजस्थान में गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित है.

बाड़मेर में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस

उधर, राजस्थान में भी झुलसाने वाली गर्मी का प्रकोप है. राजस्थान के कई भागों में लू का प्रकोप चल रहा है. बाड़मेर सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा चूरु गंगानगर और बीकानेर में 45 डिग्री सेल्सियस का तापमान रिकॉर्ड किया गया.

मौसम विभाग के डायरेक्टर आर बिसेन के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के इलाके के ऊपर एक एंटी साइक्लोन बना है, जिसके प्रभाव से हवाएं ऊपर से नीचे की तरफ बैठ रही हैं. हवाओं के ऊपर से नीचे आने पर सतह पर वायुदाब बढ़ जाता है और इस वजह से ऐसे इलाकों में सतह का तापमान सामान्य के मुकाबले 3 से 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है. कुछ ऐसा ही हाल पश्चिमी राजस्थान का भी है.

गुजरात और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर

मौसम विभाग ने बताया कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ, राजस्थान के पश्चिमी हिस्से और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ जोरदार गर्मी की चपेट में हैं. कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया. पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र के चंद्रपुर में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

मौसम विभाग के मुताबिक इन इलाकों को अभी फिलहाल भीषण गर्मी से अगले एक हफ्ते तक निजात मिलती नजर नहीं आ रही है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में 21 अप्रैल तक भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है.

मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी शुरू

गर्म हवाएं पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को अपनी चपेट में ले रही है, जिससे इन इलाकों में जबरदस्त गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है. उधर, दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बना वेदर सिस्टम काफी मजबूत हो चला है और यहां पर साइक्लोन का खतरा मंडराने लगा है. इस मजबूत वेदर सिस्टम की वजह से देश के तमाम इलाकों में हवाओं की दशा और दिशा बदल गई है. इससे इस बात की आशंका गहरा गई है कि मध्य भारत और उत्तर भारत के तमाम इलाकों में अगले चार पांच दिनों तक जोरदार गर्मी का प्रकोप देखा जाएगा.

अगले चार दिन तक रहेगा लू का प्रकोप

मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन-चार दिनों तक जबरदस्त लू चलेगी. इसके अलावा खास बात यह है कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते जम्मू एवं कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों और उत्तराखंड के शिवालिक इलाके में कई जगहों पर हीट वेव कंडीशन पैदा हो सकती है.

बिहार-बंगाल में आंधी के साथ बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग का कहना है कि एक ओर गर्मी की मार दिखाई देगी, तो दूसरी तरफ पूर्वी बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में अगले 24 घंटो के दौरान आंधी के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है. इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक तेज हवाओं के साथ बिजली की कड़क के बीच अंधड़ चल सकते हैं. लिहाजा इन इलाकों में लोगों को सावधान किया गया है. मौसम विभाग ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कई इलाकों में अगले 24 घंटो में 10 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है. साथ ही यहां पर समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरों के बीच तटीय इलाकों में 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लिहाजा लोगों को तटीय इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई है.

तपने लगे पहाड़

देश के अन्य भागों की तरह उत्तराखंड में भी पारे की उछाल जारी है. पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. पर्वतीय क्षेत्रों में रुद्रप्रयाग सर्वाधिक गर्म रहा. यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार की तुलना में तीन डिग्री अधिक था. मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटे में भी मौसम के मिजाज में कोई बदलाव नहीं आने वाला.

शुक्रवार को चार धामों में बर्फबारी के बावजूद शनिवार को पारा एक बार फिर चोटी की ओर अग्रसर होने लगा है. केदारनाथ में अधिकतम तापमान 14 डिग्री तो बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में नौ से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकार्ड किया गया.

पौड़ी और उत्तरकाशी जैसे शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है, जबकि ऋषिकेश में 38 डिग्री. वहीं हरिद्वार में यह 39 डिग्री पर पहुंच गया. राजधानी देहरादून में पारा 35 डिग्री को पार कर गया. यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 22 अप्रैल से वर्षा की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है.

तपा हरियाणा, हिसार में पारा 44 डिग्री के पार

आग उगलती सूरज की किरणों और गर्म लू के थपेड़ों ने हिसार और इसके आसपास के इलाकों को तपती भट्ठी बना दिया है. 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाओं के बीच हिसार में गर्मी का पारा 44 डिग्री सेल्सियस को छू गया. शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 44.1 और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा. यहां 3 दिन के भीतर ही अधिकतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से लोग बेहाल रहे.

गर्मी ने लोगों की सेहत को भी बिगाडऩा शुरू कर दिया है. डायरिया और गर्मी से होने वाली अन्य बीमारियों से पीडि़त लोग बड़ी संख्या में अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं. हिसार, हांसी, फतेहाबाद के सिविल अस्पतालों और अग्रोहा मैडिकल के अस्पताल में इस तरह के रोगों से पीडि़त 120 लोग दो दिनों में इलाज के लिए आ चुके हैं.

खजुराहो में पारा 45 डिग्री के करीब

बुंदेलखंड की पठारी धरती पर सूरज की तपिश से लोग बेहाल हो उठे. गर्मी ने शनिवार को पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया. विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में शनिवार को 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी के साथ अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा. इससे पहले 2012 में 15 अप्रैल को 44 डिग्री के पार पारा गया था. वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस था.

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