प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय की वकालत की

भुवनेश्वर। तीन तलाक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं का शोषण खत्म होना चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए, साथ ही उन्होंने पार्टी से सरकार की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का विधेयक लाये जाने के माध्यम से पिछड़े मुसलमानों तक पहुंच बनाने को कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई सामाजिक बुराई है तो समाज को जागना चाहिए और न्याय प्रदान करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्लिम महिलाओं को शोषण का सामना नहीं करना चाहिए। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मुस्लिम समुदाय में संघर्ष नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ”वह केवल सामाजिक न्याय की बात कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि हमारी मुस्लिम बहनों को न्याय मिलना चाहिए। उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। किसी का शोषण नहीं होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उनके बीच टकराव पैदा नहीं करना चाहते। हम नहीं चाहते कि इस मुद्दे को लेकर मुस्लिम समुदाय के भीतर टकराव की स्थिति बने। हमें समाज को जागृत करना है और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में प्रयाय करना है।

गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह भावना है। इससे पहले मोदी ने अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के सरकार के विधेयक के बारे में पार्टी के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के कुछ पिछड़े वर्ग ओबीसी कोटा का लाभ पहले ही उठा रहे हैं और ऐसा एक आयोग उनकी चिंताओं को भी ध्यान रखेगा। मोदी ने भाजना नेताओं से इन वर्गो तक पहुंचने को कहा। मोदी के उल्लेख के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि ओबीसी कोटा में विभिन्न धर्मो के मानने वाले शामिल हैं जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कोटा से अलग है। अज, अजजा कोटा हिन्दु समुदाय के वर्गो के लिए है।

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