आडवाणी को राष्ट्रपति बनने से रोकने की साजिश नहींः उमा



विज्ञप्ति। बीजेपी की फायरब्रांड नेता और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए बाबरी विध्वंस मामले में ट्रायल की अनुमति देने की आरजेडी नेता लालू प्रसाद की आशंकाओं को मजबूती से खारिज कर दिया।

इंडिया टीवी पर शनिवार रात प्रसारित हुए शो ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा के सवालों का जवाब देते हुए उमा भारती ने कहा, ”इसके पीछे कोई कॉन्स्पिरेसी नहीं है। आज मोदीजी देश के ही नहीं, पूरी दुनिया के मसीहा हैं। अब किसको लगेगा कि वे आडवाणी जी के लिए संकट खड़ा कर रहे हैं, जो ऐसी बात फैला रहे हैं, वे दिमागी तौर पर बीमार लोग हैं, उनका इलाज करना पड़ेगा। मैंने लालूजी को टीवी पर देखा। मोदी जी के नाम पर पूरा देश एक है। इतना मजबूत और कद्दावर नेता पूरे भारत को नहीं मिला। उनको क्या प्रॉब्लम होगी आडवाणी जी से?”

उमा भारती कहने लगीं, ‘मोदीजी क्यों साजिश करेंगे, साहब? आडवाणी जी, भगवान करें सवा सौ साल के हों, जुग जुग जिएं, लेकिन कोई षड्यंत्र नहीं है कि वो राष्ट्रपति ना बने। ऐसा कोई षड्यंत्र नहीं है।

उमा भारती की टिप्पणी ऐसे समय आई, जब बाबरी विध्वंस साजिश मामले में एलके आडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती और अन्य नेताओं के खिलाफ स्पीडी ट्रॉयल चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है, और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव अब कुछ ही महीने बाद होने वाले हैं।

जब रजत शर्मा ने सीबीआई की चार्जशीट में साजिश और हिंसा भड़काने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उन्हें अधिकतम 5 साल क़ैद की सजा हो सकती है, उमा भारती ने कहा, ‘पांच साल तो क्या पांच हजार साल भी जेल में रखें तो मैं तैयार हूं। आंदोलन की सफलता का मुझे गौरव भी है और आनंद भी है।’

फायरब्रांड नेता ने कहा कि उन्होंने 2004 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था जब उन पर कर्नाटक के हुबली में तिरंगा फहराने के केस में आरोप लगे थे। ‘मैंने तिरंगे के लिए कुर्सी छोड़ी थी। मैं राम मंदिर के लिए अपना सिर तश्तरी पर रख दूंगी।’

यह पूछे जाने पर कि बीजेपी अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए क्यों नहीं मुस्लिम समुदाय के साथ बातचीत शुरू करती है, उमा भारती ने कहा, ‘अगर हम पहल करेंगे बातचीत के लिए, तो नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी, मुलायम, लालू यादव, ये सब इसी के लिए बैठे हैं कि हम आग कब लगा दें ?’

उमा भारती ने 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद हुए दंगों की तुलना 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से की।

‘6 दिसंबर को ढांचा गिराने के दिन कोई दंगा नहीं हुआ, सात दिसंबर को भी तनाव नहीं था, दंगे 8 दिसंबर को शुरू हुए। दंगे भड़काए कम्यूनिस्टों ने, अर्जुन सिंह ने भोपाल में लोगों को भड़काया, 2010 को जब हाईकोर्ट ने कहा कि बीच का डोम रामलला का है तो रविशंकर प्रसाद सामने आए। उन्होंने कहा, उत्तेजना और तनाव की जरूरत नहीं देशवासी इसे सम्मान के साथ स्वीकार करें। और कोई दंगा-फसाद नहीं हुआ।’

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद को गिराने की किसी तरह की कोई पूर्व नियोजित योजना नहीं थी। ‘लेकिन यह समझना चाहिए कि ढांचे को गिराए बिना मंदिर का निर्माण नहीं हो सकता’

6 दिसंबर को अयोध्या में उनकी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उमा भारती ने कहा, ‘6 दिसंबर को जब कार सेवक गुंबद पर चढ़ गए तो आडवाणी जी ने मुझसे कहा कि क्या तुम उनसे बात कर सकती हो, वहां बहुत नेता थे पर कोई हिम्मत नहीं कर रहा था, तो मैं हिम्मतवाली निकली.. मैं एडिशनल एसपी अंजू गुप्ता के साथ कार में बैठी, आडवाणी जी ने दो नेताओं को मेरे साथ भेजा.. मैं उनके नाम नहीं लूंगी लेकिन उनमें से एक अब नहीं हैं। जब हम विवादित स्थल तक पहुंचे तो वहां दो कारसेवकों की मां ने मुझे यह कहकर रोका कि तुम अब आगे नहीं जा सकती, ये ढांचा मेरे दो बेटों को खा गया। उसी समय कार सेवकों की भीड़ ने मुझे घेर लिया। मैंने पीछे देखा तो अंजू गुप्ता गायब और वो दोनों नेता भी गायब। मुझे पूरी भीड़ ने जय श्रीराम नारे लगाते हुए नीचे भेज दिया.. और मुझे मंच तक ले आए।”

उमा भारती “आप की अदालत” शो में उस समय रो पड़ीं जब दर्शकों के बीच बैठी एक महिला, पूर्णिमा कोठारी ने बताया कि कैसे उसने नवंबर 1990 में कारसेवकों पर अयोध्या में हुई फायरिंग में अपने दो भाइयों को खो दिया था।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी जिन्होंने पुलिस को फायरिंग के आदेश दिए थे, उमा भारती ने कहा, ”पूर्णिमा अब योगी जी के पास जाएं और कार्रवाई की मांग करें…. 1990 को उस दिन अयोध्या में मैं 9000 कार सेवकों के जत्थे का नेतृत्व कर रही थी, दूसरा जत्था बगैर नेता के था, ये जत्था गलियों में घुस गया और पुलिस ने उन पर गोली चलाई। मुलायम खुद मानते हैं कि मेरे ऑर्डर पर गोली चलाई गई।’

तीन तलाक के मुद्दे पर उमा भारती ने कहा, ‘तीन तलाक का न तो इस्लाम से, न मोहम्मद साहब से, और न मक्का- मदीना से कोई संबंध है। यह मुस्लिम समाज से जुड़ा मामला है। इसका संबंध सीधा स्त्री की जिंदगी से है, उसके आत्मसम्मान से है।’

जल संसाधन और गंगा कायाकल्प विभाग की मंत्री ने कहा, ‘अगर गंगा अगले साल अक्टूबर तक साफ नहीं होती है तो मैं गंगा नदी में कूद जाऊंगी’

‘हमारे मंत्रालय को 20 हजार करोड़ रुपये नॉन- लैप्सेबल सेंट्रल फंड मिला है। मैंने पिछले साल 7 जुलाई को स्कीम लॉन्च की थी। यदि अक्टूबर 2018 तक गंगा सफाई का काम पूरा नहीं हुआ तो मैं गंगा में कूद पड़ूंगी।’

उमा भारती ने हालांकि बताया कि जर्मनी में राइन नदी को पूरी तरह साफ करने में 60 साल और लंदन में टेम्स नदी को 70 साल लग गए।

‘हम तीन साल पूरे कर चुके हैं। मैं फालतू में पैसे बर्बाद नहीं करूंगी। मोदी जी के काम की रफ्तार को अगर देखें तो हमें सात साल में काम पूरे करने होंगे। ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की सरकारों ने केंद्र के साथ सहयोग नहीं किया। अब हमें पूरी उम्मीद है कि योगी जी की सरकार सहयोग करेगी।’

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