मीडिया में चल रहे नाम महज अटकलबाजीः वेंकैया



लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दो तिहाई बहुमत हासिल करने के बावजूद मुख्यमंत्री के चयन को लेकर लम्बा इंतजार आज शाम खत्म हो जाएगा। भाजपा विधायक दल की बैठक में वजीर-ए-आला के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। भाजपा विधायकों की यह अहम बैठक शाम चार बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय से सटे ‘लोक भवन’ में आयोजित की जाएगी। इसमें केन्द्रीय पर्यवेक्षक एम. वेंकैया नायडू और भाजपा राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव भी मौजूद रहेंगे। बैठक के मद्देनजर पार्टी मुख्यालय में विधायकों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया है।

बैठक में भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी हिस्सा लेने की संभावना है। राजभवन से प्राप्त सूचना के मुताबिक नये मुख्यमंत्री और उनके मंत्री रविवार दोपहर दो बजकर 15 मिनट पर लखनऊ स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में शपथ ग्रहण करेंगे। भाजपा प्रदेश महासचिव विजय बहादुर पाठक ने बताया कि पार्टी 14 साल बाद प्रदेश में सरकार बना रही है। बहुत से लोग इसके साक्षी बनना चाहेंगे। समारोह स्थल तथा उसके आसपास इस कार्यक्रम के सीधे प्रसारण के लिये एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गयी है। लखनऊ शहर में भी कई चुनिन्दा स्थानों पर एलईडी लगाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शिरकत करेंगे। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राजग सरकारों के उपमुख्यमंत्रियों, केन्द्रीय मंत्रियों, भाजपा शीर्ष नेतृत्व के पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत का न्यौता भेजा गया है। मुख्यमंत्री पद के लिये कई नामों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इनमें केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य तथा शाहजहांपुर से आठवीं बार विधायक चुने गये सुरेश खन्ना के नाम प्रमुख हैं।

हालांकि उत्तर प्रदेश में भाजपा के पर्यवेक्षक केन्द्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने सूबे के नये मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल लोगों के बारे में लगाये जा रहे कयासों को मीडिया की विशुद्ध अटकलबाजी करार दिया है। भाजपा विधायक दल की बैठक के मद्देनजर आज राजधानी पहुंचे नायडू ने लखनऊ हवाई अड्डे पर संवाददाताओं के एक सवाल पर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बारे में मीडिया द्वारा जो भी खबरें चलायी जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं। मुख्यमंत्री के बारे में विधायक दल की बैठक में ही निर्णय होगा।’’

भाजपा ने हाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव की 403 में से 312 सीटें जीती थीं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) को नौ तथा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को चार सीटें हासिल हुई थीं। सपा को 47 तथा उसके सहयोगी दल कांग्रेस को सात सीटें मिली थीं, जबकि बसपा को 19 सीटें हासिल हुई थीं। प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भाजपा के सामने जनाकांक्षाओं का भारी बोझ उठाने की चुनौती भी है।

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