नयी इबादत लिखना चाहते हैं योगी



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे तौर से एक्शन में है। वह विकास की नई इबादत लिखने के साथ ही कानून का राज कायम कर भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह सब कार्य उन्होंने ब्यूरोक्रेसी में बिना बदलाव किये ही कर रहे हैं। बहरहाल योगी के कार्यो ंकी चर्चा न सिर्फ राजधानी लखनऊ में बल्कि खेत खलिहानों तक पहुंच गयी है।

गत 11 मार्च को 17 वी विधानसभा का चुनाव परिणाम आने के बाद लगभग एक सप्ताह तक भाजपा यूपी के लिए चेहरा खोजती रही। अंततः 18 मार्च को योगी आदित्य नाथ के नाम पर मुहर लग गयी। इसके साथ ही 19 मार्च को सीएम की शपथ लेने के बाद ही योगी पूरे एक्शन में आ गये। शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने अपने चुनावी वायदे के अनुरूप अवैध बूचड खानों के खिलाफ अभियान आरंभ कर दिया। इसका असर यह हुआ कि पूरे प्रदेश में अर्वध बूचड़खानों के खिलाफ ताबतोड छापेमारी आरंभ हो गयी। इससे नाराज लोगों ने पूरे प्रदेश में मांस का करोबार बंद कर हडताल आरंभ कर दी। इसमें मांस कारोबारी के साथ मछली एवं मुर्गा तथा अण्डा का व्यापार करने वाले भी शामिल हो गये। इससे प्रदेश में लगभग 1400 करोड रूपये का रोजाना कारोबार प्रभावित हो रहा है।

इसके साथ ही योगी ने अपनी टीम में शामिल सभी मंत्रियो को भी विभाग में काम काज करने की नसीहत थी। इसका असर यह हुआ कि सभी मंत्री अपने अपने विभागों में सक्रिय होकर अधिकारियों से विकास पर चर्चा करने लगे। इतना ही मंत्रियों ने भी रोज एक एक आदेश जारी करना आरंभ कर दिया। इसके साथ ही मंत्रियों ने विभागों में दौडा आरंभ कर दिया। इसके अलावा योगी के शपथ लेते ही पूरे प्रदेश में एंटी रोमियों स्कावयड सक्रिय हो गया। हर जिलों में मनचलों पर कार्यवाही होने लगी। इसका असर यह रहा कि पार्को, बाजारों, मालों एंव गर्ल्स कालेजों के आस पास मनचलों की लगने वाली भीड कम हो गयी। यह अभियान भले ही कुछ दिन चला हो लेकिन मनचलों में खौफ अब तक बरकरार है। इसका संदेश खास तौर पर महिलाओं के लिए गया, उनमें सुरक्षा की भावना पैदा हुई। इसी तरह रेल में एक महिला के साथ एसिड अटैक की घटना हुई तो योगी ने स्वयं राजधानी के केजीएमयू जाकर उसका हाल लिया। इस दौरान उन्होनंे डाक्टरों को भी हिदायत दे दी। इसका असर यह हुआ प्रदेश के सभी अस्पताल एंव डाक्टर एलर्ट हो गये।

सीएम योगी कुछ दिन पहले हजरतगज कोतवाली पहुंचे। यहां पर उन्होंने सफाई लेकर फटकार लगायी। साथ थाने की कार्यवाही एवं लंबित मुकदमों के बारे में जानकारी ली। चलते वक्त यह भी कहा कि थानों में जाने का मेरा दौरा आखिरी नहीं है आगे भी जारी रहेगी। इससे प्रदेश के सभी थानों में साफ सफाई के साथ कार्यशैली में भी बदलाव देखने को मिलने लगा है। अगले दिन उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के डीम प्रोजेक्ट रहे गोमती रिर्वर फ्रंट का जायजा लेने पहुंच गये। इस विकास कार्य की चुनाव के दौरान जांच कराने की बात केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कही थी। इसी कड़ी में उन्होंने आज न्यायिक के आदेश दे दिये। 45 दिनों में यह जांच पूरी हो जायेगी।  बता दे कि यह परियोजना की पहले लागत 517 करोड़ थी लेकिन इसमें 1433 करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। इस मामले भी अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। योगी आदित्यनाथ लोहिया संस्थान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां पर भर्ती पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का हाल लिया।

इसी बीच उन्होंने कान्हा उपवन जाकर पशु प्रेम का भी संदेश दिया। यहां की गौशाला में जाकर उन्होनंे गायों को चारा एवं गुड भी खिलाया। इसके अलाव उन्हांेने साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया। जिसका असर यह रहा कि मं़त्री तक झाडू लगाते हुए दिखे। उन्होंने पालीथीन पर अंकुश लगाने का काम आरंभ कर दिया है। पान मसाला गुटखा पर अंकुश लगाने की दिशा में काम आरंभ कर दिया है। इस तरह योगी विकास की बड़ी लकीर खींचना चाहते हैं।

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