यूपी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ



लखनऊ। नयी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों के लिये बड़ा फैसला किया गया है। करीब 86 लाख किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफ कर दिए हैं। यह कर्ज करीब 36 हजार करोड़ है। करीब डेढ़ घंटे तक चली पहली बैठक खत्म हो चुकी है। जिसमें कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिये गये हैं। बैठक के बाद अब प्रेस कांफ्रेंस में फैसलों के बारे में जानकारी दी जायेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने आज फैसला किया कि फसली ऋण लेने वाले लघु और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि एक लाख रुपए तक का जिन किसानों ने फसली ऋण लिया है उसको माफ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में 2 करोड़ 15 लाख लघु और सीमांत किसान हैं। उन्होंने कहा कि सात हजार ऐसे किसान हैं जिनका लोन एनपीए हो गया है उनका ऋण कुल 5630 करोड़ रुपए है और यह लोन पूरी तरह माफ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 36 हजार 359 करोड़ का ऋण माफ किया गया है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के 16 दिनों बाद हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में सरकार ने नौ अहम फैसले किये। इन फैसलों में किसानों की कर्ज माफी से जुड़ा फैसला प्रमुख है। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के समय वादा किया था कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो प्रदेश मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले लड़कियों में एक भय का माहौल रहता था क्योंकि स्कूल, कालेज और बाजार में उनका पीछा किया जाता था। प्रदेश पुलिस का एंटी रोमियो दस्ता जोकि थाना स्तर पर बनाया गया है वह अच्छा काम कर रहा है और देश भर में इसकी सराहना हुई है। इस अभियान की प्रमाणिकता और हो इसके लिए पुलिस को दिशानिर्देश जारी किये गये हैं कि यदि कोई जोड़ा किसी पार्क अथवा सार्वजनिक स्थल पर अपनी मर्जी से बैठा है तो उनको परेशान नहीं किया जाये। कोई युवा पीड़ित न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि 5000 गेंहूं के केंद्र बनाये जाएंगे जहां पर किसानों से सीधी खरीद होगी और उनके खाते में पैसा सीधे भेजा जायेगा और बिचौलियों की भूमिका खत्म की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेंहूं लाने पर होने वाले खर्च के लिए प्रति क्विंटल दस रुपए ढुलाई दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गयी है जोकि यह देखेगी कि आलू किसानों को कैसे राहत पहुंचाई जा सके। कैबिनेट बैठक में प्रदेश की नयी उद्योग नीति बनाने का फैसला किया गया जिसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है जोकि विभिन्न प्रदेशों में जाकर वहां की नीतियों का अध्ययन करेगा। इस मंत्री समूह के प्रमुख उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा हैं। इस समिति में सतीश महाना, श्रीकांत शर्मा, राजेश अग्रवाल शामिल हैं।
सरकार के अन्य फैसलों की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अवैध खनन पर भी एक मंत्री समूह बनाने का निर्णय किया गया है इसके प्रमुख उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे जोकि एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां भी अवैध बूचड़खाने हैं उन्हें ही बंद किया गया है। मंत्रिमंडल ने भी तय किया है कि इस दिशा में जो भी उच्चतम न्यायालय और एनजीटी का आदेश है उसका पूरी तरह पालन किया जायेगा। कुछ लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है उस पर विचार किया जायेगा।

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