बेटे को पार्टी से निकालते समय मुलायम के हर शब्द में दिखा दर्द

यूपी इलेक्शन 2017

टूट गई समाजवादी पार्टी …


लखनऊ। टिकट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी के अंदर मची घमासान आर-पार की लड़ाई में बदल गई। समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार शाम एक पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम अखिलेश यादव और सपा महासचिव रामगोपाल यादव को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। इस अहम मौके पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि रामगोपाल यादव ने अखिलेश का भविष्य खत्म कर दिया है और रामगोपाल ने पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इस फैसले के बाद अखिलेश के निवास पर उनके कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।

इससे पहले भी रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाला गया था हालांकि बाद में उन्होंने मुलायम सिंह यादव से माफी मांग ली थी और उन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया था लेकिन इस बार रामगोपाल यादव ने भी मुलायम सिंह यादव पर निशान साधते हुए कहा है कि ये फैसला सरासर गलत है। अगर पार्टी की तरफ से उन्हें और अखिलेश यादव को नोटिस भेजा गया था तो उन्हें उस नोटिस का जवाब दिये जाने का इंतज़ार भी करना चाहिए था।

मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कॉनफ्रेंस में कहा कि रामगोपाल यादव ने अनुशासन हीनता की, इसलिए ये फैसला लिया गया। रामगोपाल ने उन्हें बिना बताए पार्टी का अधिवेशन बुलाने का फैसला लिया जबकि इस तरह का फैसला लेने का अधिकार सिर्फ राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष को है। हालांकि ये नोक-झोंक गुरुवार से ही शुरु हो गई थी। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अलग से उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट जारी करने पर शुक्रवार को सीएम अखिलेश यादव और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे पूछा था कि इस अनुशासनहीनता पर क्यों कार्रवाई न की जाए। आपको बता दें कि गुरुवार को अखिलेश ने 235 उम्‍मीदवारों की लिस्ट जारी की थी और पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना था। इसके अलावा रामगोपाल यादव ने एक जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का आपातकाल सम्मेलन बुलाया था।

क्या होगा अब?


अब देखना ये है कि क्या अखिलेश सीएम पद से इस्तीफा देंगे। रात आठ बजे अखिलेश प्रेस कॉनफ्रेंस करने वाले हैं। अगर वो ऐसा करते हैं तो क्या मुलायम सिंह यादव, अखिलेश समर्थक विधायकों को पार्टी में कैसे जोड़ेंगे। ये आशंका इस सवाल को भी जन्म देती है कि क्या ऐसा होने पर यूपी में राष्ट्रपति शासन लगेगा?

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