फैशन के दौर में ढीले पड़े बुनाई के फंदे

फैशन के दौर में ढीले पड़े बुनाई के फंदे

लखनऊ। दौर था जब घरेलू महिलाओं  के लिए सदी की दोपहर का मतलब गुनगुनी दोपहर में मूंगफली खाते हुए परिवार के लोगों के लिए उन के साथ सिलाई से गर्म कपडे बुनना होता था। उन और सिलाई से गर्म कपडे बुनती मांए नाप लेने के बहाने से सही अपने बच्चों को बढते हुए बचपन को देखकर उनके लिए कपडों के साथ सपने भी बुन लिया करती थी। कितने ही मधुर सबंधों की नींव सिलाई के…

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