Opinion

डायरी के खोखले और डरावने सच का अंत

प्रभुनाथ शुक्ल सहारा और बिड़ला समूह की डायरियों से निकले सियासी जिन्न का आखिर अंत हो गया। सर्वोच्च संवैधानिक पीठ यानी शीर्ष अदालत ने इसे सुनवाई के लायक ही नहीं माना और अपर्याप्त साक्ष्य के अभाव में फैसला खारिज कर दिया। डायरी पर राजनीति का रास्ता बंद हो गया। सहारा और बिड़ला समूहों के यहां […]