नई दिल्ली। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने वाले वकील प्रशांत भूषण ने आज कहा कि शीर्ष अदालत ने कई दस्तावेजों पर गौर नहीं किया है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये बेबुनियाद, गलत, शर्मनाक और दुर्भावनापूर्ण आरोप हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है कि ‘कोई आरोप नहीं’ हैं। प्रसाद की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए भूषण ने कहा कि आरोपों के समर्थन में ‘ठोस सामग्री’ के साथ आने की उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद उन्होंने और दस्तावेज हासिल किए हैं।

भूषण ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कई दस्तावेज नहीं देखे हैं जो हमने पेश किए हैं। हमने उसके बाद कई और दस्तावेज हासिल किए हैं। भूषण ने आयकर विभाग द्वारा 2013-14 में दो कारोबारी घरानों के यहां छापे में दस्तावेजों की कथित बरामदगी की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है।