लंदन। दावोस में विश्व आर्थिक मंच की शुरुआत से पहले ‘ऑक्सफेम’ ने सोमवार को कहा कि आठ व्यक्तियों के पास उतनी संपत्ति है जितनी दुनिया की आधी आबादी के पास है और इससे हमारे समाजों में विभाजन का खतरा पैदा होता है।

जिन आठ उद्योगपतियों का जिक्र ऑक्सफेम ने किया है उनमें अमेरिका के छह, स्पेन और मेक्सिको के एक-एक उद्योगपति शामिल हैं। ऑक्सफेम के अनुसार, इन उद्योगपतियों के पास जितनी संपत्ति है वह संपत्ति दुनिया के सबसे गरीब 3.6 अरब लोगों के पास मौजूद संपत्ति के बराबर है।

उद्योगपतियों का चयन फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची से किया गया है जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, फेसबुक के सह-संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोज शामिल हैं। ऑक्सफेम ने विश्व में अमीर और गरीबों के बीच के विशाल अंतर और मुख्यधारा की राजनीति में उत्पन्न हो रहे असंतोष को रेखांकित किया है। ऑक्सफेम चेरिटेबल संस्थाओं का अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो वैश्विक स्तर पर गरीबी को कम करने के लिए कार्य करता है।

अपनी एक नई रिपोर्ट ‘एन इकॉनोमी फॉर द 99 पर्सेंट’ में ऑक्सफेम ने कहा कि ब्रेग्जिट से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति अभियान की सफलता तक, नस्लवाद में वृद्धि और मुख्यधारा की राजनीति में अस्पष्टता से चिंता बढ़ रही है। वहीं संपन्न देशों में अधिक से अधिक लोगों में यथा स्थिति बर्दाशत ना करने के संकेत भी अधिक दिख रहे हैं। दावोस में मंगलवार से शुरू हो रही विश्व के राजनीतिक और आर्थिक विशिष्ट वर्गों की बैठक के एजेंडे में असमानता प्रमुख मुद्दा है। शुक्रवार तक चलने वाली ‘विश्व आर्थिक मंच’ की वार्षिक बैठक में करीब 3,000 लोग शिरकत करेंगे।