नई दिल्ली। भारती एयरटेल द्वारा टाटा टेलिसर्विसेज के मोबाइल कारोबार के अधिग्रहण से उसके ग्राहकों की संख्या और राजस्व में वृद्धि होगी, लेकिन इससे ऐसे समय एकीकरण जोखिम पैदा हो सकता है जबकि सुनील मित्तल की अगुवाई वाली कंपनी टेलीनॉर के साथ भी परिचालन का एकीकरण कर रही है।

Airtel
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एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यह अनुमान लगाया है। हालांकि एसएंडपी ने कहा कि टाटा समूह की कंपनी के अधिग्रहण की घोषणा के बाद एयरटेल की रेटिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। हमारा मानना है कि यह सौदा भारती के एकीकरण जोखिम को बढ़ाएगा, क्योंकि कंपनी टेलीनॉर इंडिया के परिचालन के साथ इसे एकीकृत करेगी।

एयरटेल ने पिछले साल टेलीनॉर का अधिग्रहण किया था। एसएंडपी ने आगे कहा कि उम्मीद है कि भारती इस जोखिम से निपट लेगा क्योंकि वह पहले भी अफ्रीकी बाजारों में इस तरह के सौदे का सफलतापूर्वक प्रबंधन कर चुकी है।