Allahabad high court said national anthem compulsory for madarsa
Allahabad high court said national anthem compulsory for madarsa

इलाहाबाद। मदरसों (Madarsa) में राष्ट्रगान को अनिवार्य करने के योगी सरकार के फैसले पर अब हाई कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मदरसों की तरफ से सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मदरसों को राष्ट्रगान गाने से छूट नहीं मिलेगी।

हाई कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रगान और तिरंगे का सम्मान संवैधानिक कर्तव्य है। उच्च न्यायालय ने राष्ट्रगान को जाति, धर्म और भाषा भेद से परे बताते हुए मदरसों की आपत्तियों को दरकिनार कर दिया। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य रूप से गाना ही पड़ेगा।

इससे पहले 15 अगस्त को मदरसों में ध्वजारोहण और तिरंगा फहराने का कार्यक्रम करने और इसकी रिकॉर्डिंग करने के फरमान को लेकर भी यूपी में मतभेद के स्वर खड़े हो चुके हैं। तब मुस्लिम संगठनों ने यूपी सरकार पर मुस्लिमों की देशभक्ति पर संदेह करने का आरोप लगाया था।

मदरसों (Madarsa) को राष्ट्रगान गाने से छूट नहीं:

योगी सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये राष्ट्र से जुड़ा मामला है। हाईकोर्ट ने कहा राष्ट्र गान और राष्ट्र ध्वज का सम्मान करना सवैधानिक कर्तव्य है।

जाति, धर्म और भाषा के आधार पर इसमें भेद नहीं किया जा सकता है। याचिकाकर्ता अलाउल मुस्तफा ने दाखिल की थी याचिका। 6 सितम्बर 2017 के योगी सरकार के आदेश को चुनौती दी गई थी। गौरतलब है कि सीएम योगी ने मदरसों को राष्ट्रगान गाने का आदेश दिया था।

इसके साथ ही योगी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों की रिकॉर्डिंग भी मांगी थी। सरकार ने स्पष्ट किया था कि मदरसों को ये वीडियो भेजना होगा अन्यथा मदरसों को दिया जाने वाला अनुदान रोका भी जा सकता है।

वहीँ सरकार ने अब मदरसों को डिजिटल करने का प्लान भी बनाया है। सभी मदरसों से जुड़ी जानकारियाँ ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करानी होंगी। इसके लिए सरकार ने पोर्टल सेवा शुरू भी कर दी थी।