वॉशिंगटन। भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन की कड़ी आलोचना कर रहे हों और बातचीत के विकल्प को बकवास बता रहे हों लेकिन अमेरिका चुपचाप उत्तर कोरिया के साथ कूटनीतिक प्रयास भी जारी रखे हुए है।

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी अधिकारी प्योंगयांग के संयुक्त राष्ट्र मिशन में राजदूतों के साथ संपर्क में हैं।

America is quietly trying diplomatic with North Korea
                 America is quietly trying diplomatic with North Korea

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने 17 October को कहा था कि पहला बम गिरने तक प्योंगयांग के साथ कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे। इस बीच विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी का यह बयान साफ संकेत देता है कि अमेरिका ट्रंप के बयान के बावजूद सीधे ही उत्तर कोरिया के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है।

खबर के मुताबिक अमेरिका की तरफ से जोसेफ यन मामले का कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, यन ने अपने उत्तर कोरियाई समकक्षों से यह साफ कह दिया है कि प्योंगयांग को परमाणु बम और मिसाइलों का परीक्षण रोकना चाहिए।

हालांकि, इस बातचीत के बावजूद उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव की स्थिति में कोई खास फर्क नहीं आया है।

इसके अलावा जून महीने में उत्तर कोरिया द्वारा रिहा किए गए अमेरिकी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट की मौत और तीन अन्य अमेरिकियों को उत्तर कोरिया में हिरासत में लिए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ा।

सितंबर में उत्तर कोरिया ने अपने छठे और सबसे ताकतवर परमाणु बम का परीक्षण किया था। जिसके बाद से डॉनल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन की जुबानी जंग जारी है और दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।