Car Companies ने सरकार और जीएसटी काउंसिल से की मिड साइज कारों पर सेस कम रखने की अपील

auto companies appealed to government for lower cess on mid sized cars
auto companies appealed to government for lower cess on mid sized cars

Car Companies ने सरकार और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल से मिड साइज कारों के लिए अलग कैटेगरी बनाने की अपील की है और कहा है कि इन्हें महंगी कारों वाले वर्ग में न डाला जाए। अगर इन्हें लग्जरी कारों वाले वर्ग में रखा जाता है तो 28 पर्सेंट जीएसटी के बाद इन पर 25 पर्सेंट तक का सेस लग सकता है। अभी मिड साइज कारों पर 15 पर्सेंट का सेस लग रहा है। जीएसटी काउंसिल 9 सितंबर की मीटिंग में सेस बढ़ाने पर विचार करेगी।

1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद से कुछ सेगमेंट में कारें सस्ती हो गई थीं क्योंकि उन पर टैक्स का बोझ कम हुआ था। इसके बाद सरकार ने एक अध्यादेश जारी करके जीएसटी काउंसिल को सेस को 15 पर्सेंट से 25 पर्सेंट तक बढ़ाने का अधिकार दिया। इससे मिड साइज सेडान से लेकर एसयूवी और लग्जरी गाड़ियों की कीमत बढ़ सकती है। केंद्र ने अध्यादेश इसलिए जारी किया था क्योंकि वह कीमत को पिछले टैक्स सिस्टम के बराबर रखना चाहता था।

हालांकि, जीएसटी लागू होने के बाद गाड़ियों के दाम में कमी आने से इनकी बिक्री बढ़ी थी। ऑटो इंडस्ट्री के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने बताया, ‘हमने सरकार से मिड साइज कारों के लिए अलग ट्रीटमेंट की अपील की है। अगर सेस में 10 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी होती है तो इससे मध्य वर्ग के ग्राहकों को चोट पहुंचेगी।’ एक अन्य एग्जिक्यूटिव ने कहा कि 4 मीटर से लंबी गाड़ियों के साथ इंजन कैपेसिटी के लिहाज से अलग ट्रीटमेंट होना चाहिए। उनका इशारा यह है कि कम पावरफुल कारों पर कम सेस लगाया जाना चाहिए।

कार कंपनियों ने अपने वाहनों पर नई कीमत का किया एलान

महिंद्रा, हुंडई, टोयोटा किलरेस्कर, ऑडी, मर्सिडीज बेंज और टाटा समूह की जेएलआर की तरफ से सोमवार को ही अपने तमाम वाहनों की नई कीमतों का एलान किया जाएगा। लेकिन इन कंपनियों से जुड़े लोगों का कहा है कि सरकार की तरफ से अंतिम घोषणा आने के बाद ही यह तय कर पाएंगे कि कितना बोझ हम उठाएंगे और कितना ग्राहकों पर डालेंगे।

टोयोटा किलरेस्कर के वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन का कहना है कि, ‘बार बार टैक्स रेट में बदलाव से उद्योग के उत्साह पर असर पड़ता है जो बाजार में अस्थिरता को बढ़ा सकता है।’ भारतीय बाजार में तेजी से पैठ बना रही बीएमडब्ल्यू ने भी ऐसी ही बातें कही है। सनद रहे कि हाइब्रिड कारों पर टैक्स की दरों को बढ़ाये जाने से नाराज हुंडई ने पहले ही यह एलान कर दिया है कि वह भारत में अब हाइब्रिड कारें लांच नहीं करेगी।