लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार बुन्देलखंड की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सरकार जहां इस क्षेत्र के विकास में जुटी है, वहीं यहां की सूखे की समस्या को लेकर भी गंभीर है।

Bundelkhand's incomplete drinking water schemes to be completed by December 30: Chief Secretary
Bundelkhand’s incomplete drinking water schemes to be completed by December 30: Chief Secretary

यहां की पेयलजल समस्या को खत्म करने के लिए सरकार अधिकारियों के आए दिन निर्देश दे रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) राजीव कुमार ने अधिकारियों को बुन्देलखण्ड निधि के तहत हर जिले को जारी 5-5 करोड़ रुपए का उपयोग पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश है।

उन्हांने निर्देश दिए है कि बुन्देलखण्ड निधि के तहत मिली रकम से जिलों में कराए जाने वाले आवश्यक कार्यो की हर हाल में एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए और गुणवत्ता के साथ कार्य शुरू करा दिए जायें।

उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या को दूर करने के लिए कुंओं को आवश्यकतानुसार गहरा करा लिया जाये और युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर अपूर्ण पेयजल योजनाओं को पूर्ण कराकर 30 दिसम्बर तक प्रारम्भ कराया जाये।

मुख्य सचिव (Chief Secretary) आज योजना भवन स्थित वीडियोकान्फ्रेन्सिंग कक्ष में बुन्देलखण्ड के मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को संभावित सूखे से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने निर्देश दिये कि बुन्देलखण्ड के समस्त जिलाधिकारी देखे कि उनके जनपद में सिंचाई एवं पेयजल के नलकूप काम कर रहे हैं या नहीं। साथ ही खराब नलकूपों को ठीक कराए और उनकी क्रियाशीलता का प्रमाणपत्र सम्बन्धित अभियन्ताओं से अवश्य लें। यही नहीं अभियन्ताओं द्वारा नलकूपों की क्रियाशीलता के दिए गए प्रमाण-पत्रों की रैन्डम जांच कराए।

उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों द्वारा सूखे से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव स्तर से अब हर 15 दिन में वीडियोकान्फ्रेन्सिंग में की जायेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि जो भी निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। उनकी नियमित समीक्षा कर परियोजनाओं को शत-प्रतिशत पूर्ण कराते हुये जनोपयोगी बनाया जाये।

उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में जिलाधिकारियों के निवर्तन पर क्रिटिकल गैप्स के लिए 01-01 करोड़ रुपए की धनराशि रखी गयी है जिसका उपयोग आवश्यकतानुसार आवश्यक कार्यों हेतु कर जनपदीय स्तरीय समस्याओं का समाधान यथाशीघ्र सुनिश्चित कराया जा सकता है।

कुमार ने कहा कि बुन्देलखण्ड में पेयजल सहित अन्य आवश्यक समस्याओं का समाधान यथाशीघ्र कराने के लिए मण्डलायुक्तों को प्रत्येक सप्ताह एवं सम्बन्धित जिलाधिकारियों को प्रत्येक दिन कम से कम 30 मिनट सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर समस्याओं का निराकरण कराने की स्थिति पर तत्काल आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुये मुख्य सचिव सहित अन्य सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर अनुरोध किया जाये।

उन्होंने निर्देश दिये कि सिंचाई के सभी संसाधनों/सरकारी नलकूपों को चालू स्थिति में रखा जाये। उन्होंने कहा कि नहरों को रोस्टर के अनुसार चलाये जाने के साथ-साथ नहरों के अवैध कटान पर कड़ी निगरानी रखी जाये। खराब ट्रान्सफार्मरों को अनिवार्य रूप से 24 घन्टे में बदला जाना सुनिश्चित कराया जाये। साथ ही रोस्टर के अनुसार विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाये।