Opinion

life में दुःख व कष्ट मिलना प्रभु की असीम कृपा है!

प्रदीप कुमार सिंह 1. प्रभु के इस विश्वस्त सेवक का नाम है- दुःख:- प्रभु जब किसी को अपना मानते हैं, उसे गहराइयों से प्यार करते हैं तो उसे अपना सबसे भरोसेमंद सेवक प्रदान करते हैं और उसे कहते हैं कि तुम हमेशा मेरे प्रिय के साथ रहो, उसका दामन कभी न छोड़ो। कहीं ऐसा न […]

Opinion

क्या इस सृष्टि के रचनाकार परमपिता परमात्मा का अस्तित्व है?

डॉ. जगदीश गांधी परमात्मा का अनुभव तो अतिव्यापक और परम विराट है। ऐसा नहीं है कि जिन्होंने जाना, उन्होंने कहा नहीं। उन्होंने खूब कहा, बार-बार कहा, फिर भी जो कहना चाहते थे, वह नहीं कह पाए। इसीलिए उन्होंने अपनी सारी कथनी के निष्कर्ष में बस इतना ही कहा कि जो मैंने अनुभव करके जाना, उसे […]

India News Opinion

ईवीएम सच या वीवीपीएटी?

ऋतुपर्ण दवे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ’ईवीएम’ आखिर क्यों ’इलेक्शन विवाद मशीन’ बनती जा रही है? अब केवल सफाई से बात बनती नहीं दिख रही, क्योंकि ईवीएम के मत सत्यापन पर्ची यानी वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से जुड़ने के बाद जो सच्चाई सामने है, उससे निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। […]

Business Opinion

लचर ऑटो ईंधन नीति का तोड़ है बीएस-4

रमेश ठाकुर सन 2003 से 2015 तक पांच बार केंद्र सरकार ने ऑटो ईंधन नीति को लागू करने का मन बनाया, लेकिन ऑटोमोबाईल कंपनियों ने ऐसा नहीं होंगे दिया। कंपनियों ने मुंह मांगा राजस्व व कमीशन देकर मैनेज कर लिया। कंपनियों को पता था अगर ईमानदारी से ऑटो ईंधन नीति के लागू हुए तो उनके […]

Opinion

योगी युग और जन आकांक्षाएं

घनश्याम भारतीय समुदाय विशेष के लिए तीखे बयानों और शाब्दिक प्रहारों के चमत्कारिक प्रभाव से देश की सियासत में हिंदूवादी नेता के रूप में उभरे योगी आदित्यनाथ के हाथों राज्य की सत्ता सौंप कर भाजपा नेतृत्व ने जिस परिवर्तन की कल्पना की है, वास्तव में वह किसी चुनौती से कम नहीं है। 19 मार्च 2017 […]

Opinion

देश में उभरती एक नई शख्सियत

ऋतुपर्ण दवे ये भारतीय लोकतंत्र की खूबी है जो करोड़ों की भीड़ में एक चेहरा उभरता है और राजनीति में सबसे लंबी लकीर खींच देता है। कुछ ऐसी ही लकीर 2014 के आम चुनावों में खिंची थी और पूरा देश ’मोदी-मोदी’ करने लगा। लेकिन महज तीन वर्षो में ही 18 मार्च को एक शख्सियत, एकाएक […]

Opinion

विश्व को एक आर्थिक एवं राजनैतिक व्यवस्था बनाने की जरूरत

प्रदीप कुमार सिंह (Pradeep Kumar Singh) china (चीन) के राष्ट्रपति Xi Jinping ने साल भर पहले जब Western Asia का दौरा किया था। Xi Jinping ने अपनी इस यात्रा के पड़ावों में रियाद और तेहरान के अलावा काहिरा में अरब लीग की बैठक में भी वह शामिल हुए थे। china अभी तक अपने economics हितों […]

Opinion

भोजन की बर्बादी रोकिए और भूख से लड़िए

प्रभुनाथ शुक्ल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी मन की 30 वीं बात मंे दो बड़ी बातें की हैं। पीएम ने अन्न की बर्बादी रोकने और एक दिन डीजल-पेटोल का उपयोग न करने की देश वासियों से अपील की है। कुछ बातें सामान्य लगती हैं लेकिन उनमें छुपी नसीहत बड़ा संदेश देती है। हममें से […]

Opinion

सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में जमीन की कमी बड़ी बाधा

मुक्ता पाटिल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने देश में सौर ऊर्जा उत्पादन को दोगुना कर 40 गीगावाट करने का फैसला लिया, जिसके लिए सरकार को 50 सौर पार्क स्थापित करने होंगे। लेकिन इस अतिरिक्त 20 गीगावाट बिजली के उत्पादन के लिए सरकार को 80,000 एकड़ (जयपुर का तीन गुना) भूमि की जरूरत होगी, जो निश्चित […]

Opinion Uttar Pradesh

नोटबंदी के बाद हुए जो निकाय चुनाव

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री इसमें कोई संदेह नहीं कि स्थानीय निकाय चुनावों में वहां के मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं। इस हिसाब से विभिन्न क्षेत्रों के मुद्दे भी अलग-अलग होते हैं। पिछले कुछ समय में अनेक प्रदेशों के स्थानीय निकाय चुनाव सम्पन्न हुए। सभी में विभिन्न तस्वीर रही होगी, लेकिन इस बार नोटबंदी का विषय सभी प्रदेशों […]

Opinion

अमेरिका को कहां ले जाएगी नस्लभेदी नीति

प्रभुनाथ शुक्ल अमेरिका की सत्ता, बदलती राजनीतिक परिस्थितियां और उसकी नीतियां दुनिया को कहां ले जाएंगी यह चिंता का विषय है। डोनाल्ड टंप और उनकी सरकार की तरफ से अमेरिकी हितों की आड़ में उठाए गए कुछ फैसले प्रवासी नीति और बढ़ते पलायनवाद के लिए सबसे बड़े खतरे हैं। क्या वास्तव में डोनाल्ड सरकार को […]

Opinion

मानव सभ्यता को विकास की चरम ऊँचाइयों पर ले जाने की अब है आवश्यकता

प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’ संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान ने माना था कि पिछली 20वीं सदी रक्तपात से भरी खूनी सदी थी। पिछली सदी में प्रथम तथा द्वितीय विश्व युद्धों का महाविनाश हुआ। इसके अलावा विभिन्न देशों के बीच अनेक युद्ध हुए। आतंकवाद की घटनाओं में मासूमों का खून बहाया गया। पंजाब […]

Opinion Uttar Pradesh

विकास की सरस्वती ऐसे तो नहीं दिखती

राजनीतिक दुनिया भी अजीब है। यहां दोस्ती और दुश्मनी का कोई स्थायी भाव नहीं होता। पल में तोला-पल में मासा वाले हालात होते हैं। सपा और कांग्रेस के गठबंधन को इसी रूप में देखा जा सकता है। राहुल गांधी ने इस गठबंधन को गंगा-यमुना का मिलन कहा है,वहीं अखिलेश यादव ने साइकिल के पहिए के […]

Opinion

इस्लामिक आतंकवाद पर टंप कार्ड

प्रभुनाथ शुक्ल अमेरीकी राष्टपति डोनाल्ट टंप की जीत के बाद यह साफ हो गया था कि इस्लामिक आतंकवाद पर उनका नजरिया बेहद सख्त है। संभवतः उनकी जीत के पीछे यह सबसे बड़ा छुपा राज था, जिसे हिलेरी और उनके समर्थक नहीं पढ़ पाए। राष्टपति पद की कमान संभालने के बाद से ही उन्होंने आतंकवाद पर […]

Opinion

ओबामा का आत्मविश्लेषण

डा. दिलीप अग्निहोत्री अमेरिकी राष्ट्रपति का विदाई भाषण आत्मविश्लेषण की भांति होता है। इस प्रकार से वह अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करता है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने गृहप्रान्त शिकागों में विदाई भाषण दिया। दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले राष्ट्रपति के लिए अमेरिका में कोई खास भूमिका नहीं रह जाती है। उसका पूरा […]

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यूपी चुनाव में भाजपा नेतृत्व की “पोलिटिकल सर्जीकल स्ट्राइक”

कुंवर अशोक सिंह राजपूत ‘पोलिटिकल सर्जीकल स्ट्राइक’ सत्ता के दरवाजे तक पहुँचने के लिए बेहद जरूरी और सटीक तरीका है, आगामी विधान सभा के नजरिये से उत्तर प्रदेश भाजपा में विरोधी दलों के बाहरी-परदेशी सहित दलबदलू और एन-केन तरीके से सत्ता के सदैव साथ में रहने के आदी राजनीतिक-परिंदे भाजपा की ठूंठ हो रही डालियों […]

Opinion

बढ़ी है कांग्रेस की वेदना

डा. दिलीप अग्निहोत्री विदेश यात्रा से वापस लौटने के बाद राहुल गांधी पुनः अज्ञातवास के बाद कुछ नया देखना चाहते थे, उन्हे निराशा हुई। संयोग से स्वदेश लौटने के बाद उन्हें एक बड़े सम्मेलन का समापन करना पड़ा। पहले यह कार्य कांग्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी को करना था, लेकिन अब यह तथ्य किसी से छिपा […]

Opinion

डायरी के खोखले और डरावने सच का अंत

प्रभुनाथ शुक्ल सहारा और बिड़ला समूह की डायरियों से निकले सियासी जिन्न का आखिर अंत हो गया। सर्वोच्च संवैधानिक पीठ यानी शीर्ष अदालत ने इसे सुनवाई के लायक ही नहीं माना और अपर्याप्त साक्ष्य के अभाव में फैसला खारिज कर दिया। डायरी पर राजनीति का रास्ता बंद हो गया। सहारा और बिड़ला समूहों के यहां […]

Opinion

भारत 2020 का अक्षय ऊर्जा लक्ष्य चूक जाएगा?

श्रेया शाह पिछले साल अप्रैल में बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने दोहराया था कि भारत का 2020 तक 100 गीगावॉट सौर ऊर्जा स्थापित करने का लक्ष्य है, जिसे पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन इंडियास्पेंड का विश्लेषण दिखाता है कि कमजोर अवसंरचना और सस्ते वित्तीय सहायता के अभाव में सौर ऊर्जा में विस्तार […]

Opinion

लापरवाहियों के बीच हो रही है हवाई-यात्रा?

रमेश ठाकुर एविएशन क्षेत्र में भारत आज भी दूसरे देश से काफी पीछे है। नए विमानन नियम, नई सहूलियते, आधुनिक तामझाम, यात्रा में सुगमता की गारंटी और भी कई तमाम हवाई कागजी बातें उस समय धरी की धरी रह जाती हैं जब प्लेन उड़ने से पहले अपनी अव्यवस्था बयां कर देता है। उदाहरण दिल्ली के […]