झूकोवस्की। भारत व रूस पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के संयुक्त विकास के लिए जल्द ही एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.  रोस्टेक स्टेट कारपोरेशन के सीईओ सरगेई छेमेजोव ने यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (एफजीएफए) के संयुक्त रूप से विकास के लिए अरबों डालर की परियोजना को निकट भविष्य में अंतिम रूप दिया जाएगा.

भारत व रूस ने एफजीएफए परियोजना के लिए 2007 में अंतर सरकारी समझौता किया था. यहां प्रीमियर एयर शो मैक्स 2017 के अवसर पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘पांचवीं पीढ़ी लड़ाकू विमान के लिए काम चल रहा है। एक चरण पूरा हो चुका है। अब हम दूसरे चरण पर विचार विमर्श कर रहे हैं.
 मेरी राय में निकट भविष्य में सभी फैसले कर लिए जाएंगे और अनुबंध दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होंगे।’ इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया, ‘लेकिन काम चल रहा है। यह बहुत जटिल है इसलिए यह जल्दी जल्दी नहीं हो रहा।’ उल्लेखनीय है कि दो महीने पहले ही नयी​ दिल्ली में सरकारी सूत्रों ने कहा था इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए लगभग सारा जमीनी काम पूरा हो चुका है।