लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने प्रदेश के सर्वाधिक वंचित तबकों के गांवों को चिन्हित कर सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना बनाए जाने के निर्देश दिए हैं।

Manual Integrated Village Planning and Development
Manual Integrated Village Planning and Development

उन्होंने कहा कि चिन्हित गांवों को आवास, पेयजल, सड़क, बिजली, गांव के अंदर खड़ंजा, नाली निर्माण, कल्याणकारी लाभार्थीपरक योजनाओं, कौशल विकास योजनाओं आदि सहित प्रदेश सरकार की 23 योजनाओं से संतृप्त किया जाए।

मुख्यमंत्री शास्त्री भवन में प्रदेश के चिन्हित 1500 गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक जातियों और वर्गों के ऐसे कई गांव, मजरे, टोले, बसावटें हैं, जहां आजादी के इतने साल बाद भी वे बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

हर स्तर पर उपेक्षित ऐसे गांवों के लिए कार्य योजना इस प्रकार बनायी जाए कि व्यय हो रही धनराशि का जनहित में बेहतर उपयोग हो।

योगी ने कहा कि प्रदेश की तीन चौथाई आबादी ग्रामीण इलाकों में निवास करती है। प्रदेश के समग्र विकास के लिए ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के कार्य को चुनौती के रूप में लेकर पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के पांच वन टांगिया गांव, महराजगंज के 30 गांव, बुन्देलखण्ड के कुछ गांव, सहारनपुर में उत्तराखण्ड राज्य से सटे 76 गांव, नोएडा के 80 गांव की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक जनपदों में ऐसे गांव अथवा गांवों के पॉकेट बन गए हैं, जहां बुनियादी सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक संसाधन विकसित नहीं हो पाये हैं।

उन्होंने इन गांवों सहित नेपाल और अन्य राज्यों की सीमाओं से जुड़े उन गांवों को योजना के पहले चरण में शामिल करने के निर्देश दिए, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभी भी अभाव बना हुआ है।

योगी ने चिन्हित गांवों में आवासहीनों को आवश्यक रूप से आवास और विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं यथा वृद्धावस्था पेंशन योजना, किसान पेंशन योजना, पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं को पेंशन वितरण,

किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मृदा स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, कृषि यांत्रिकीकरण, प्रमाणित बीज वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, दिव्यांगजन पेंशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आदि का लाभ विशेष प्रयास के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कौशल विकास विभाग को इन इलाकों के निवासियों के लिए उपयुक्त कौशल विकास कार्यक्रम बनाकर संचालित करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 महेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज चंचल कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण सदाकांत, अपर मुख्य सचिव नियोजन संजीव सरन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री शशि प्रकाश गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।