लखनऊ। Mayawati ने भाजपा व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को ग़रीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, सीमा सुरक्षा जैसे देशहित के साथ-साथ जनहित व जनकल्याण आदि के महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर बुरी तरह से विफल करार दिया है। माया ने कहा है कि अपनी सरकार की विफलताओं पर से लोगों का ध्यान बाँटने के लिये मोदी सरकार विरोधी पार्टी के नेताओं को बदनाम करके उन्हें भ्रष्ट घोषित करने में व्यस्त है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी व प्रदेश अध्यक्षों एवं प्रमुख पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में Mayawati ने पार्टीजनों को सम्बोधित करते हुए कहा है कि सी.बी.आई., आयकर, ई.डी., पुलिस व अन्य सरकारी मशीनरी का घोर दुरूपयोग करके प्रतिपक्षी पार्टी के अनेकों नेताओं को भ्रष्ट साबित करने की कोशिश लगातार की जा रही है, लेकिन बीजेपी मंत्रियों व नेताओं आदि के खिलाफ भ्रष्ट आचरण व भ्रष्टाचार के मामले खुले तौर पर साबित होने के बावजूद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, ऐसा भेदभाव व विद्वेषपूर्ण व्यवहार क्यों? क्या यही बीजेपी व मोदी का भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान है?
Mayawati ने कहा कि अपनी सरकारी की विफलताओं पर से ध्यान हटाने के लिए पहले लव-जेहाद, एण्टी-रोमियों आदि के नाम पर उत्पीड़न और फिर नोटबन्दी आदि के माध्यम से लोगों का ध्यान बाँटा गया और अब प्रतिपक्षी पार्टियों को अस्थिर करने, उन्हें भ्रष्ट साबित करने तथा उनकी आवाज़ को संसद तक में दबाने का लोकतंत्र-विरोधी प्रयास किया जा रहा है।
Mayawati ने कहा कि लेकिन बीजेपी एण्ड कम्पनी सरकार की लोकतंत्र व जनविरोधी रवैये के खिलाफ बी.एस.पी. कतई चुप बैठने वाली नहीं है बल्कि इनका आमजनता में पर्दाफाश करने के लिये देशभर में और खासकर उत्तर प्रदेश में सघन कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसी के तहत् उत्तर प्रदेश में अगले महीने 18 सितम्बर से मण्डल स्तर पर कार्यकर्ता महासम्मेलन हर महीने आयोजित किये जायेंगे जबकि देश के अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया नवम्बर महीने से शुरू होगी।