लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद का मामला देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, वहीँ इसके साथ ही राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर सूबे में राजनीति तेज होने लगी है।

Muslim Personal Law Board In this case only the fight is rising: Wasim Rizvi
Muslim Personal Law Board In this case only the fight is rising: Wasim Rizvi

इसी क्रम में सोमवार 20 नवम्बर को राजधानी लखनऊ में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था, जिसके तहत शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) और राम मंदिर के पक्षकार अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया, गौरतलब है कि, प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया था।

वसीम रिजवी ने कहा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मामले मे सिर्फ झगड़ा बढ़ा रहा अब सुप्रीम कोर्ट इस मसौदे पर फैसला करेगा अयोध्या मे अब मस्जिद बनाने का कोई मतलब नहीँ टशन मे मस्जिद निर्माण नही होना चाहिये लखनऊ मे हो मस्जिद-ए-अमन का निर्माण रिजवी और महंत जी ने मसौदा मीडिया के सामने जारी किया मसौदा 5 बिंदुओं पर है।

मंदिर की जगह से शिया वक्फ बोर्ड दावा नहीँ करेगा अब ये जमीन मंदिर निर्माण पक्ष की होगी सुप्रीम कोर्ट मे 18 नवम्बर को मसौदा पेश किया जा चुका है आपसी सहमति से हम एक हल निकलना चाहते है, जिसके लिए हम अयोध्या में मंदिर बनाने के लिये तैयार है, जिसके लिए लखनऊ में मस्जिद हुसैनाबाद में अमन-ए-मस्जिद के नाम से मस्जिद बनायेंगे, जिसके लिए हम प्रस्ताव बना रहे हैं।

हम कत्ल-ए-आम नही चाहते हैं हम ने कभी भी कोई वकील कोर्ट में खड़ा नही किया तो शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से किसने वकील खड़ा किया, इसकी जांच होनी चाइये।

आयोध्या में मस्जिद बनाने का कोई मतलब नही है, मंदिरों का शहर है अयोध्या, शिया वक्फ बोर्ड अयोध्या मंदिर बनाने के लिए मदद भी करेगा मसौदे के अनुसार अयोध्या मे राम मंदिर बने शिया वक्फ बोर्ड और मंदिर निर्माण पक्ष के बीच मसौदा मसौदा सुप्रीम कोर्ट मे पेश कर दिया है मसौदे पर दोनो पक्ष के हस्ताक्षर हैं।

1945 तक बाबरी मस्जिद के मुतवल्ली शिया ही रहे 1944 के रजिस्ट्रेशन को कोर्ट एक मामले में खारिज कर चुका है, महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा शिया वक्फ बोर्ड के प्रस्ताव का स्वागत सुन्नी वक्फ बोर्ड पर कोर्ट निर्णय करेगा आने वाला इतिहास मंदिर मस्जिद पर लड़ने वालों को माफ नही करेगा आपसी सौहार्द पैदा हो ताकि आने वाली पीढ़ी याद करे