लखनऊ। बाल श्रम वह काल कोठरी है जिसमें फंसे बच्चों का बचपन यातनाओं से भर जाता है।

Need for big campaign against child labour
Need for big campaign against child labour

बाल मजदूरी (Child Labour) पर आधारित कुछ ऐसी ही कहानी को जब सचिवालय कालोनी गोमतीनगर के गरीब बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए बयां किया तो हर कोई भावुक हो उठा। मौका था सोमवार को चाइल्ड लाइन के दोस्ती सप्ताह के समापन समारोह का।

इस मौके पर डॉ.राम मनोहर लोहिया पार्क स्थित रंगमंच स्थल पर बस्ती के गरीब बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना व महानिरीक्षक निबंधन कामिनी रतन चौहान मौजूद रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम श्हम भीश् की शुरुआत डॉन बॉस्को आश्रगृह के बच्चों ने स्वागत गीत से किया।

इसके बाद उगता सूरज पाठशाला के बच्चों ने राधा तेरी चुनरी गीत पर समूह नृत्य कर दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं चाइल्ड लाइन लखनऊ की ब्रांड एम्बेस्डर अंकिता बाजपेई ने अपने मनमोहक अंदाज में श्शिक्षा मेरा अधिकारश् गाने पर नृत्य प्रस्तुती दी।

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उन्होंने डांस के माध्यम से लोगों को यह समझाने की कोशिश की कि शिक्षा हमारे जीवन में क्यों जरूरी है। वहीं चबूतरा थिएटर पाठशाला मदर सेवा संस्थान के बच्चों ने फातिमा नाटक का मंचन किया।

समारोह के अंत में न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने कहा कि बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाने की जरूरत है। सरकारी विभागों और निजी संस्थाओं के साथ-साथ लोगों को भी बाल अधिकारों के प्रति जागरुक होना होगा।

इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कुलदीप रंजन, ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट की सचिव डॉ. संगीता शर्मा, चाइल्ड लाइन के निदेशक अंशुमाली शर्मा आदि मौजूद रहे।