नई दिल्ली। क्या भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर (Raghuram Rajan?) अमेरिका के सेंट्रल फेडरल रिजर्व के चेयरमैन बन सकते हैं? एक ग्लोबल फाइनैंशल मैगजीन बैरन ने उनके नाम की वकालत की है। जिस तरह से भारत में रिजर्व बैंक काम करता है, वही काम अमेरिका में फेडरल रिजर्व का भी है।

Raghuram Rajan can become head of 'US Reserve Bank'?
             Raghuram Rajan can become head of ‘US Reserve Bank’?

बैरन मैगजीन के अनुसार रघुराम राजन अमेरिकी सेंट्रल बैंक के चेयरमैन के पद के लिए एक आदर्श व्यक्ति होंगे। गौरतलब है कि फेडरल रिजर्व की मौजूदा चेयरपर्सन जनेट यलेन का कार्यकाल 2018 की शुरुआत में खत्म हो रहा है। उनका कार्यकाल खत्म होने से पहले वहां नए चेयरमैन का चुनाव करना जरूरी है।

अमेरिका में नए चेयरमैन की तलाश हो रही है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जल्दी ही नए चेयरमैन की घोषणा कर सकते हैं। रघुराम राजन के पक्ष में बैरन मैगजीन ने तर्क दिया है कि जब दुनियाभर में देशों की खेल टीमें अपने खेल को सुधारने के लिए दुनिया की सर्वोच्च प्रतिभा का चुनाव करती हैं तो फिर अमेरिकी सेंट्रल बैंक ऐसा क्यों नहीं कर सकता? रघुराम राजन पिछले साल तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे। इस पद को छोडऩे के बाद वह अमेरिका चले गए हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर बनने से पहले राजन इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड में मुख्य अर्थशास्त्री के पद पर रह चुके हैं। उन्होंने 40 साल की उम्र में इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड के मुख्य अर्थशास्त्री का पद संभाला था। ऐसा करने वाले वह सबसे कम उम्र के व्यक्ति बने थे। 2013 में उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर बनाया गया था।

पहले भी कई ऐसे उदाहरण रहे हैं कि जब किसी देश के सेंट्रल बैंक के चेयरमैन का पद ऐसे व्यक्ति संभाल चुके हैं, जो वहां के नागरिक नहीं थे। जैसे बैंक ऑफ इंग्लैंड के चेयरमैन का पद कनाडा में जन्मे मार्क कार्नी ने संभला था। फेडरल रिजर्व के प्रमुख के तौर पर राजन के नाम पर कोई जोर नहीं दे रहा है हालांकि, उनका नाम अर्थशास्त्र के क्षेत्र में संभावित नोबेल पुरस्कार पाने वालों की सूची में था।

राजन सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के मुख्य अर्थशास्त्री बने थे। वह पहले ऐसे व्यक्ति थे, जो पश्चिमी देश के नहीं थे। वह वर्ष 2005 में अर्थशास्त्रियों और बैंक प्रमुखों की सालाना बैठक में वित्तीय संकट की भविष्यवाणी कर सुर्खियो में आए थे। उन्हें पूर्व यूपीए सरकार ने 2013 में रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया था। वह फिलहाल शिकागो विश्विवद्यालय में बूथ स्कूल ऑफ बिजनस में फाइनैंस के प्रफेसर हैं।